जांजगीर-चांपा
अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से मासूम की मौत
An innocent child died due to the negligence of the hospital management

संवाददाता – मनोज शर्मा
जांजगीर चांपा – चांपा नगर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है… जहां सरकारी बीडीएम अस्पताल की लापरवाही ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली।
22 महीने का नन्हा आयुष… जिसे सांप ने डंस लिया था… परिजन दौड़ते-भागते उसे बीडीएम हॉस्पिटल लेकर पहुंचे… मगर वहां जो हुआ वो इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला था।
स्टाफ ने इलाज की बजाय कहा – “डॉक्टर नहीं है, दवा नहीं है… बच्चे को किसी प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाइए!”
अब सोचिए, जब सरकारी अस्पताल ही इलाज से इनकार कर दे… तो आम जनता कहां जाए?
यह वही हॉस्पिटल है, जिसे ‘रेफरल सेंटर’ कहा जाता है… लेकिन हकीकत ये है कि अब यहां मरीज़ों को भगाया जा रहा है।
परिजनों ने बताया कि अगर समय रहते इलाज मिल जाता, तो शायद उनका बच्चा आज जिंदा होता।
मगर इलाज की जगह उन्हें सलाह दी गई – “टोना-टोटका नहीं करें, लेकिन हॉस्पिटल से बाहर निकल जाएं!”
और अब, हॉस्पिटल के डॉक्टर और जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले से अनजान बने हुए हैं।



