देवीचरण ठाकुर गरियाबंद
अमलीपदर पुलिस ने धान तस्करों की एक बड़ी और दिलचस्प कोशिश को नाकाम करते हुए करीब 142 क्विंटल अवैध धान जब्त किया है। तीन अलग-अलग वाहनों में भरा यह धान लगभग 4 लाख 40 हजार रुपये का बताया जा रहा है। तस्करों ने पकड़े जाने से बचने के लिए नदी और खेतों को अड्डा बनाया, लेकिन पुलिस की चौकस निगरानी ने उनकी पूरी योजना धरी की धरी रह गई।
नदी किनारे ‘गुप्त घाट’ पर पकड़े गए दो ट्रैक्टर
ध्रुवापथरा क्षेत्र में पुलिस को नदी किनारे खड़े दो ट्रैक्टर संदिग्ध अवस्था में मिले।
संभवतः इनमें 60 और 54 बोरी धान लोड था।
दोनों ट्रैक्टर ऐसे खड़े थे मानो किसी पिकनिक स्पॉट पर फोटोशूट करने आए हों।
तस्करों की मंशा शायद यह रही होगी कि पानी के रास्ते धान पार कराने पर किसी को शक नहीं होगा—जैसे कोई धार्मिक जल-यात्रा निकल रही हो!
बिरिघाट के खेत में ‘छुपा रखवाला’ बना मिला 1109 मिनी ट्रक
सबसे बड़ा माल एक मिनी ट्रक (1109) में मिला—जिसमें 200 बोरी धान भरा था।
यह ट्रक बिरिघाट के एक खेत में आराम फरमाता मिला।
ऐसा लग रहा था जैसे ड्राइवर ने सोचा हो कि हाईवे छोड़ खेतों के बीच में नई देसी बाईपास रोड बनाई जाए।
लेकिन पुलिस की पैनी नजर से यह ‘ग्रामीण जुगाड़’ भी बच नहीं पाया।
पुलिस की तत्परता से बच न सकी कोई चाल
गुप्त सूचना के आधार पर अमलीपदर पुलिस ने तीनों स्थानों पर दबिश दी और वाहनों सहित धान को ज़ब्त कर लिया।
प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक बरामद धान की कुल कीमत लगभग 4 लाख 40 हजार रुपये है।
संबंधित आरोपियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
