छत्तीसगढ़

सुपबेड़ा के किडनी पीड़ितों के लिए लगी जनसेवा के नाम पर एंबुलेंस घोटाला…

Ambulance scam in the name of public service for kidney patients of Supbeda...

लोकेश्वर सिन्हा, गरियाबंद
गरियाबंद देवभोग ब्लाक के किडनी पीड़ितों के गांव सुपेबेड़ा में जिस एंबुलेंस को साल भर पहले स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने हरी  झंडी दिखाकर सुपर्द किया था, उसे अब वापस भेज दिया गया है।
जिसकी वजह जान कर आप भी हैरान हो जाएंगे।
दरअसल रायपुर के एंबुलेंस सेवा वाले फर्म से जिस एंबुलेंस को लगाया गया था उसका विधिवत अनुबंध नहीं किया गया था, न बजट तय था ना मद की व्यवस्था थी, वाहन प्रति 2000किमी प्रति माह 1.5लाख दर से लगाया गया था। उससे अतिरिक्त चलने पर अतरिक्त बिलिंग हुई,
12 माह में 14 लाख लागत वाली एंबुलेंस का 15 लाख का बिल हो गया। जिसे बगैर किसी वैधानिक प्रकिया के केंद्रीय एनएचएम मद से 10 लाख का भुगतान भी कर दिया गया था। जब सीएमएचओ को कुर्सी बदली तो एंबुलेंस की फाइल देख उसे वापस करना ही मुनासिब समझा गया। एंबुलेंस के नाम पर हुए खर्च ने अब तमाम खर्चों पर सवाल खड़ा कर दिया है। पूरे व्यय की जांच की मांग उठ रही है।
    मामले में अब सुपेबेड़ा के बीमार लोगों ने भी प्रतिक्रिया दिया है। उनकी माने तो ऐसे खर्चों के बजाए पूर्व की तरह उन्हें ब्लड जांच और किडनी रोग की दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाए। क्योंकि अब उन्हें खरीदना पड़ रहा है।

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