छत्तीसगढ़

ऋषि पंचमी पर सर्पों की अद्भुत शोभायात्रा

Amazing procession of snakes on Rishi Panchami

रिपोर्टर, लोकेश्वर सिन्हा, गरियाबंद
गरियाबंद। गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर ब्लॉक के ग्राम देवरी में ऋषि पंचमी के अवसर पर परंपरागत रूप से जहरीले सर्पों की शोभायात्रा निकाली गई। इस अद्भुत आयोजन को देखने अंचल सहित दूर-दराज़ के गांवों से हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा गांव श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया।
हर साल की तरह इस बार भी सांवरा समिति द्वारा यह विशेष आयोजन किया गया। परंपरा के अनुसार, घरों और खेतों में निकलने वाले जहरीले सांपों को ग्रामीण सुरक्षित तरीके से पकड़ते हैं। इन्हीं सर्पों की पूजा-अर्चना कर शोभायात्रा निकाली जाती है। गांव-गांव से पहुंचे लोग जगह-जगह पूजा-अर्चना करते हैं और शोभायात्रा का स्वागत करते हैं।
शोभायात्रा समाप्त होने के बाद सभी सर्पों को सुरक्षित रूप से जंगलों में छोड़ दिया जाता है। गांव के लोगों का मानना है कि वर्षों से यह परंपरा चल रही है और अब तक किसी भी व्यक्ति के साथ सर्पदंश की कोई अनहोनी घटना नहीं घटी है।
देवरी गांव में स्थित सांवरा गुरु पाठशाला इस परंपरा का केंद्र है, जहां युवाओं को सांपों को सुरक्षित तरीके से पकड़ना और उन्हें संरक्षित करना सिखाया जाता है। ग्रामीणों का विश्वास है कि यह आयोजन केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का अनूठा उदाहरण भी है।
देवरी में हर साल होने वाला यह आयोजन अब अंचल की पहचान और श्रद्धा का पर्व बन चुका है, जिसे देखने लोग दूर-दूर से आते हैं।

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