लोकेशन :- बालोद
रिपोर्ट :- मीनू साहू
बालोद:- ग्राम जेवरतला रोड में शासकीय भूमि, सार्वजनिक चौक-चौराहों तथा सामुदायिक उपयोग की जमीन से जुड़े कथित अतिक्रमण के मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। कलेक्टर स्तर से आवश्यक निर्देश जारी होने के बावजूद यदि कार्रवाई का स्पष्ट परिणाम सामने नहीं आता, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी पर चर्चा होना स्वाभाविक है।छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम ग्राम पंचायत को सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण का दायित्व प्रदान करता है, जबकि राजस्व विभाग को शासकीय भूमि से जुड़े विवादों में सीमांकन, अभिलेख सत्यापन और विधिसम्मत कार्रवाई का अधिकार एवं दायित्व सौंपा गया है। ऐसे में शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई न होना प्रशासनिक दक्षता पर प्रश्न खड़े करता है।सार्वजनिक भूमि का संरक्षण शासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। यदि अतिक्रमण हुआ है तो कानून के अनुसार उसे हटाने की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, और संबंधित विभाग को आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। अब सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यही है कि प्रशासन अपनी वैधानिक जिम्मेदारी का निर्वहन कब करेगा और सरकारी भूमि की सुरक्षा कब सुनिश्चित होगी।