बिजली बिल वसूली में धमकी और नगद लेन-देन के आरोप: मैनपुर के दुकानदार ने JE पर लगाए गंभीर आरोप
Allegations of threats and cash transactions during electricity bill collection: Mainpur shopkeeper levels serious charges against JE.

गरियाबंद गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र में इन दिनों बिजली विभाग द्वारा बकाया बिलों की वसूली अभियान तेज कर दिया गया है। इसी बीच मैनपुर के बस स्टैंड स्थित साहू होटल के संचालक गुलशन साहू ने बिजली विभाग के एक अधिकारी और उनकी टीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दुकानदार का दावा है कि बकाया बिजली बिल के मामले में कार्रवाई के दौरान उनसे 15 हजार रुपये नगद लिए गए, लेकिन तीन दिन बाद भी न तो रसीद दी गई और न ही बिजली कनेक्शन बहाल किया गया।

दुकानदार के अनुसार, उनकी दुकान जिस परिसर में संचालित है, वहां लगा बिजली कनेक्शन स्वर्गीय प्रकाश साहू के नाम दर्ज है। जिस पर लगभग 25,071.10 रुपये का बकाया बिल बताया गया था।

वही गुलशन साहू का आरोप है कि 6 अक्टूबर 2026 को बिजली विभाग की टीम, जिसमें अवर अभियंता (JE) शेखर चौधरी भी शामिल थे, वसूली के लिए उनकी दुकान पहुंची। दुकानदार का दावा है कि इस दौरान बिजली चोरी के मामले में पुलिस कार्रवाई और जेल भेजने की चेतावनी दी गई।

दुकानदार का कहना है कि डर के कारण उन्होंने विभागीय टीम को 15 हजार रुपये नगद दिए, लेकिन अब तक उन्हें भुगतान की कोई रसीद नहीं मिली है। उनका यह भी आरोप है कि भुगतान के बाद भी दुकान का बिजली कनेक्शन नहीं जोड़ा गया।

गुलशन साहू ने दावा किया है कि उनके पास मोबाइल पर हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है। दुकानदार के अनुसार, रिकॉर्डिंग में कथित रूप से यह कहा गया कि 15 हजार रुपये देने के बाद उनके खिलाफ बिजली संबंधी कोई कार्रवाई नहीं होगी।
हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। यदि रिकॉर्डिंग की सत्यता की जांच होती है, तो मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
दुकानदार का कहना है कि वह केवल किराए के कमरे में दुकान संचालित कर रहे हैं और जिस व्यक्ति के नाम पर बिजली कनेक्शन है, उनका पहले ही निधन हो चुका है। दुकानदार ने यह भी बताया कि संपत्ति से जुड़े लोगों द्वारा पूर्व में बिजली विभाग को किस्तों में भुगतान का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन इस दिशा में कोई समाधान नहीं निकल पाया।
*बिजली विभाग की प्रक्रिया पर सवाल*
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब प्रदेश में स्मार्ट मीटर, बकाया वसूली और बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतें चर्चा का विषय बनी हुई हैं। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी उपभोक्ताओं के लिए बिल भुगतान, शिकायत और नाम परिवर्तन जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध कराती है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि किसी उपभोक्ता से नगद राशि ली गई है, तो क्या उसका विधिवत रसीद जारी की गई? यदि नहीं, तो विभाग को मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
दुकानदार गुलशन साहू ने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित तथ्यों की पुष्टि करने और जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं बिजली विभाग का पक्ष इस संबंध में सामने आना बाकी है।



