झलरी-चचेडी में अवैध रेत खनन का आरोप, दिनदहाड़े ट्रैक्टर-एक्सीवेटर का वीडियो वायरल, विभागीय कार्रवाई पर सवाल
Allegations of illegal sand mining in Jhalri-Chachedi; video of tractors and excavators operating in broad daylight goes viral; questions raised regarding departmental action.

जिला संवाददाता मुंगेली
लोकेशन लोरमी

लोरमी। ग्राम पंचायत झलरी एवं चचेडी क्षेत्र में कथित अवैध रेत खनन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। क्षेत्र में दिनदहाड़े रेत उत्खनन किए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है, जिसके बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, वायरल वीडियो में झलरी निवासी लालसिंह बघेल के बताए जा रहे ट्रैक्टर-एक्सीवेटर से रेत उत्खनन होता दिखाई दे रहा है। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है और न ही संबंधित व्यक्ति का पक्ष प्राप्त हो पाया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि वन परिक्षेत्र खुड़िया के अंतर्गत लंबे समय से अवैध रेत खनन का कार्य जारी है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि मामले की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों और उच्च अधिकारियों को दी गई, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। आरोपों में डिप्टी रेंजर राजेश पाटले एवं एसडीओ दशांश सूर्यवंशी का नाम भी लिया जा रहा है। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि वायरल वीडियो सही पाया जाता है, तो यह दर्शाता है कि क्षेत्र में खुलेआम अवैध उत्खनन किया जा रहा है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से अवैध खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
इस बीच, मुंगेली DFO कार्यालय की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लगातार शिकायतों और वायरल वीडियो के बावजूद यदि अवैध खनन जारी है, तो संबंधित विभागों की निगरानी और कार्रवाई की प्रभावशीलता की जांच होनी चाहिए।
ग्रामीणों ने मांग की है कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कराई जाए, कथित अवैध खनन में प्रयुक्त वाहनों की जांच की जाए तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों और अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।


