जेवरतला की सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोप, प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल

Allegations of encroachment on government land in Jevartala; questions raised about the administration's functioning.

लोकेशन :- बालोद

रिपोर्ट :- मीनू साहू

मो. :- 62685 90730

स्लग:- प्रशासन की चुप्पी बढ़ा रही संदेह

बालोद:- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की मार्री बंगला तहसील स्थित ग्राम जेवरतला की खसरा नंबर 908 भूमि को लेकर उठे आरोपों ने जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायत के मुताबिक भूमि पहले सरकारी थी, लेकिन बाद में उसके हिस्से निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज हुए। सरकारी कुआं पाटकर जमीन पर कब्जे का आरोप भी लगाया गया है।मामले में सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि प्रशासन अब तक रिकॉर्ड की पूरी जांच क्यों नहीं कर पाया? पुराने दस्तावेज, नामांतरण आदेश, सीमांकन और स्थल निरीक्षण के जरिए वास्तविक स्थिति सामने लाई जा सकती है।शिकायतकर्ता को हाईकोर्ट का सहारा लेना पड़ा। उसका आरोप है कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। थाना, एसपी और कलेक्टर को सूचना देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने की बात कही गई है। प्रशासन को चुप्पी तोड़कर निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।इस पूरे प्रकरण पर जिला प्रशासन का पक्ष जानने के लिए कलेक्टर से लेकर तहसीलदार तक संपर्क किया गया, लेकिन अधिकारियों ने जवाब देने और अपना पक्ष रखने से इनकार कर दिया।

 

 

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