प्रशासनिक अधिकारियों का प्रदर्शन, नायब तहसीलदार से मारपीट मामले में कार्रवाई की मांग

Administrative officers protest, demand action in the case of assault on Naib Tehsildar

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के राजापुर में नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ कथित मारपीट की घटना को लेकर प्रशासनिक अमला और भाजपा समर्थकों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। शुक्रवार को विरोध स्वरूप जिलेभर के पटवारी, राजस्व निरीक्षक, राजस्व लिपिक, नायब तहसीलदार, तहसीलदार, डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और अपर कलेक्टर तक सामूहिक अवकाश पर रहे, जिससे राजस्व न्यायालयों और कलेक्ट्रेट की विभिन्न शाखाओं में कामकाज ठप रहा।

आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की

राज्य प्रशासनिक सेवा संघ, छत्तीसगढ़ कनिष्ठ अधिकारी सेवा संघ, राजस्व निरीक्षक संघ, पटवारी संघ और राजस्व लिपिक संघ ने घटना की निंदा करते हुए सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो सहित नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की है। अधिकारी-कर्मचारियों ने कलेक्टर सरगुजा के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की।

तहसीलदार और नायब तहसीलदार शुक्रवार को सामूहिक अवकाश

छत्तीसगढ़ कनिष्ठ अधिकारी सेवा संघ का दावा है कि प्रदेशभर में 500 से अधिक तहसीलदार और नायब तहसीलदार शुक्रवार को सामूहिक अवकाश पर रहे। अंबिकापुर स्थित राजमोहिनी देवी भवन में संघ के प्रांतीय पदाधिकारियों की मौजूदगी में संभागभर के राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें आंदोलन की आगामी रणनीति पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जा सकता है।

दूसरी ओर सीतापुर में विधायक रामकुमार टोप्पो के समर्थन में बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और ग्रामीण एकत्रित हुए। समर्थकों का आरोप है कि विधायक की बढ़ती लोकप्रियता और जनहित के मुद्दों पर सक्रियता के कारण उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। उनका कहना है कि विधायक लंबे समय से जनता की समस्याओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ मुखर रहे हैं।

गिरफ्तारी देने की तैयारी

जानकारी के अनुसार विधायक रामकुमार टोप्पो अपने समर्थकों के साथ पुलिस के समक्ष उपस्थित होकर गिरफ्तारी देने की तैयारी में हैं। इससे पहले प्रशासनिक कार्यप्रणाली के विरोध में सभा आयोजित करने की भी योजना बनाई जा रही है। भाजपा समर्थकों ने पूरे मामले को राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव बनाने की कोशिश बताया है।

गौरतलब है कि राजापुर क्षेत्र में हुए विवाद के बाद नायब तहसीलदार तुषार मानिक की शिकायत पर विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद से प्रशासनिक अमले में आक्रोश है और मामला प्रशासन बनाम भाजपा की सीधी टकराहट के रूप में सामने आया है।

मामले की निष्पक्ष जांच की मांग

इस बीच छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर ने विधायक के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि सुशासन की सरकार में सत्तापक्ष के विधायक पर भी अपराध दर्ज हो रहा है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि विधायक की भूमिका की जांच हो रही है तो उन अधिकारियों-कर्मचारियों की भी जांच होनी चाहिए, जिन पर विधायक की बहन के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगे हैं।

तोमर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को इस मुद्दे पर बोलने से पहले अपने कार्यकाल की घटनाओं को भी याद रखना चाहिए।

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