जगदलपुर। शहर की सड़कों पर मंगलवार को सिर्फ चालान नहीं कट रहे थे, बल्कि लोगों को जिम्मेदार नागरिक बनने का पाठ भी पढ़ाया जा रहा था। अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के तहत चल रहे जनजागरूकता अभियान में टास्क फोर्स जिला बस्तर की संयुक्त टीम ने एक ओर सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों पर कार्रवाई की, तो दूसरी ओर पशुओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार का संदेश भी दिया।
22 से 26 जून तक चलाए जा रहे अभियान के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अधिकारियों और कर्मचारियों की संयुक्त टीम पहुंची। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान और तंबाकू नियंत्रण कानून (कोटपा) का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 20 लोगों का चालान किया गया। इनमें 18 लोगों पर कोटपा की धारा-4 तथा दो लोगों पर सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने के कारण धारा 6(बी) के तहत कार्रवाई की गई। कुल 3300 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
पशु पक्षियों को उल्टा लटकाकर ले जाना पशु क्रूरता
अभियान केवल जुर्माने तक सीमित नहीं रहा। टीम ने लोगों को यह भी बताया कि बतख, मुर्गे या बकरों को बांधकर उल्टा लटकाकर ले जाना पशु क्रूरता की श्रेणी में आता है। नागरिकों को समझाइश दी गई कि पशुओं को सुरक्षित तरीके से टोकरी या झोले में ले जाया जाए। साथ ही कानून के उल्लंघन पर जुर्माना और सजा के प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।
नशे के दुष्परिणाम बताए
अधिकारियों ने लोगों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति को नहीं, बल्कि परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। इसी उद्देश्य से शहर में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया गया। अभियान में कोतवाली पुलिस, आबकारी, वन, उद्योग, यातायात, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
