रायपुर। एमएसएमई मंत्रालय के सहयोग से रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में 1 से 4 सितंबर तक आदिवासी जनजातीय महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है ।जहाँ देश भर के हुनर के उस्तादों का मेला आपको देखने को मिलेगा।
जन कल्याण योजना प्रचार प्रसार अभियान और आर्य युवा केंद्र के संयुक्त प्रयास से आदिवासी जनजातीय महोत्सव रायपुर, छत्तीसगढ़ में होने जा रहा है। जन कल्याण प्रचार प्रसार अभियान संगठन वर्ष 2017 से भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का प्रचार प्रसार पूरे भारत के उत्तर से दक्षिण तक पूर्व से पश्चिम तक राज्यों में करते आ रहा है विशेषकर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य को लेकर आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत महिला स्वयं सहायता समूह की बहनों को उनके बनाए गए स्वर्ण निर्मित उत्पाद को मंच प्रदान करने को लेकर भारत सरकार के एम एस एम ई लघु एवं सूक्ष्म उद्योग विभाग के सहयोग से एवं अन्य स्थानीय उद्यमियों के समाजसेवियों के जन सहयोग से प्रत्येक राज्य में स्वयं सहायता समूह की प्रदर्शनी बिक्री के स्टॉल लगाने का कार्य निरंतर होते आ रहा है।
इसी क्रम में छत्तीसगढ़ की राजधानी आदिवासी राज्य भूमि को लेकर जन कल्याण योजना प्रचार प्रचार अभियान के केंद्रीय कार्यालय में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में यह आयोजन भव्य बनाने के लिए कार्यक्रम तैयार किया है जिसमें महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित उत्पादन को बाजार मार्केट मिलने एवं शहरी लोगों को उत्पादों से परिचित कराने एवं खरीदने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से चार दिवसीय दिनांक 1 सितंबर से 4 सितंबर तक हुनर हाट आदिवासी जनजाति महोत्सव का आयोजन संस्थान द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर किया जा रहा है अवसर पर 9 राज्यों के 130 स्टाल एवं 50% स्टॉल छत्तीसगढ़ राज्य की आदिवासी बहनों द्वारा बनाए गए सो निर्मित उत्पाद के होंगे कुल 130 स्टाल लगेंगे जिसमें 2023 के लिए केंद्र सरकार ने मिलेट्स वर्ष घोषित किया है आयोजन स्थल पर मिलेट्स के अनेक व्यंजन व पेय पदार्थ , स्वनिर्मित मसाले, व्यंजन एवं मिठाइयां के साथ में गोबर से बने गए डिस्टेंपर दिए सूटकेस पर सुंदर के सामान के साथ साथ बस्तर आर्ट ढोकला जुठ आर्ट एवं आर्टिफिशियल गोबर से बनाए गए गाने जुठ से बनाए गए गाने बास द्वारा निर्मित गहने , धन से बने हुए गहने,मशरूम उत्पादन, बेकरी के उत्पाद, मिट्टी से बनाए गए बर्तन छत्तीसगढ़ी व्यंजन गढ़ कलेवा छत्तीसगढ़ राज्य के परिधान व पारंपरिक गहने के साथ-साथ दोना पत्तल की मशीन है एवं महिलाओं द्वारा बनाए गए स्वनिर्मित उत्पादन एवं नर्सरी के स्टार प्राकृतिक चीजों से बनाए गए प्रशासन के साथ-साथ विशेष रूप से जन्माष्टमी के अवसर पर लगने वाले धार्मिक वस्त्र एवं सौंदर्य सामग्री राजू के पोशाक कपड़े शृंगार सामग्री के अनेकों स्टॉल लगाए जाएंगे
9 राज्यों की महिलाएं इस मेले मे अपने स्वदेशी उत्पाद लगाएंगी-उड़ीसा , हरियाणा , उत्तर प्रदेश , त्रिपुरा , झारखण्ड , उत्तराखंड , दिल्ली , छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल विभिन्न राज्यों के शानदार स्वदेशी उत्पादों जैसे हस्त कलाये, हस्त शिल्पा, औरतो द्वारा बनाये गये उत्पाद आचार , पापड़ , हाथ से बनी सारी , और हाथ से बने चित्र को आप ख़रीद सकतें है।सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक एवं संगीतमय कार्यक्रम का लुफ्त उठा सकते है ( प्रतिदिन 5 बजे से )।प्रदर्शनी में आए हुए प्रथिभागिओं को सर्टिफ़िकेट एवं ट्रॉफी से सम्मानित किया जाएगा एवं वह सांस्कृतिक समारोह मे भी भाग ले सकते हैं। दूरसंचार मंत्रालय के द्वारा निबंध , चित्रकला , अन्य प्रतियोगताओं मे भाग लेकर आप भी जीतने का अवसर प्राप्त कर सकते है। एमएसएमई मंत्रालय द्वारा महोत्सव में आए हुए वाले सभी प्प्रथिभागिओं का रहना, खाना, आना जाना एवं उनका होने वाला खर्चा सब एमएसएमई मंत्रालय द्वारा उनके खाते मे प्रतिपुर्थी किया जाएगा।
