अपर मुख्य सचिव खाद्य विभाग रश्मि अरूण शमी ने धान उपार्जन की तैयारियों तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा करते हुए दिए निर्देश…
Additional Chief Secretary, Food Department, Smt. Rashmi Arun Shami, while reviewing the preparations for paddy procurement and public distribution system, gave instructions...

रीवा – मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
खरीदी केन्द्रों में धान के सुगमता से उपार्जन की व्यवस्था करें, धान पंजीयन के रकबे का शत-प्रतिशत सत्यापन कराएं सभी हितग्राहियों का 5 अक्टूबर तक ईकेवाईसी कराएं.
कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में आयोजित बैठक में अपर मुख्य सचिव खाद्य विभाग श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने धान उपार्जन की तैयारियों तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा की। श्रीमती शमी ने कहा कि इस वर्ष समय पर मानसून और अच्छी वर्षा के कारण संभाग के सभी जिलों में धान का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक रहने का अनुमान है। इसे ध्यान में रखते हुए धान उपार्जन की मात्रा निर्धारित करें। सभी खरीदी केन्द्रों में धान के सुगमता से उपार्जन की व्यवस्था करें। कलेक्टर जिला उपार्जन समिति की बैठक में उपार्जन से जुड़े सभी बिन्दुओं की समीक्षा करके आवश्यक प्रबंध कराएं। खरीदी केन्द्रों में किसानों के लिए छाया, पानी, विश्राम, शौचालय, धान के सुरक्षित भण्डारण, धान को साफ करने तथा अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
बैठक में अपर मुख्य सचिव ने कहा कि समय पर धान खरीदी केन्द्र के प्रस्ताव भेजें। गोदाम स्तर पर ही अधिक से अधिक खरीदी केन्द्र बनाने का प्रयास करें जिससे परिवहन की आवश्यकता न रहे। धान की गुणवत्ता की कड़ाई से जाँच करें। खरीदी केन्द्रों में प्रशिक्षित सर्वेयर अनिवार्य रूप से तैनात रखें। कलेक्टर तथा अन्य अधिकारी नियमित रूप से भ्रमण करके उपार्जन की निगरानी करें। उपार्जन के लिए पंजीकृत धान के रकबे का तहसीलदारों के माध्यम से शत-प्रतिशत सत्यापन कराएं। पंजीयन में केवल आधार से लिंक बैंक खाते ही मान्य करें जिससे किसानों को तीन दिन की समय सीमा में भुगतान किया जा सके। मिलर्स को बकाया राशि का भुगतान कराकर खरीदी केन्द्रों से ही मिलिंग के लिए धान का उठाव कराएं। जिन खरीदी केन्द्रों में पिछले वर्षों में उपार्जन में गड़बड़ी हुई है उन पर कड़ी निगरानी रखें।
बैठक में अपर मुख्य सचिव ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि खाद्यान्न का समय पर उठाव और वितरण कराएं। हर उचित मूल्य दुकान पर सेल्समैन नियुक्त करें। उचित मूल्य दुकानों का नियमित संचालन सुनिश्चित करें। खाद्य सुरक्षा योजना में ई केवाईसी संभाग में 89 प्रतिशत हो गया है। मऊगंज, सिंगरौली तथा सीधी शेष बचे हितग्राहियों का भी ई केवाईसी कराएं। सभी हितग्राहियों का 5 अक्टूबर तक शत-प्रतिशत ई केवाईसी सुनिश्चित करें। कलेक्टर जिला आपूर्ति अधिकारी के माध्यम से अपात्र व्यक्तियों की सूची तैयार कर उनके नाम पोर्टल से पृथक कराएं। इसी तरह पात्र हितग्राहियों की खाद्यान्न पर्ची भी जारी कराएं। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि एक सप्ताह में सभी उचित मूल्य दुकानों में आवंटित खाद्यान्न का सत्यापन कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। पूर्व में जिन दुकानों में आवंटित खाद्यान्न कम मिला है उनमें वसूली की कार्यवाही करें। आंगनवाड़ी केन्द्र तथा छात्रावासों के लिए समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराएं।
बैठक में संचालक खाद्य श्री कर्मवीर शर्मा ने धान उपार्जन की प्रक्रिया तथा खरीदी केन्द्रों में की जाने वाली व्यवस्थाओं की जानकारी दी। संचालक ने कहा कि गिरदावरी के अनुसार धान के रकबे का सत्यापन कराएं। धान का उपार्जन एक दिसम्बर 2025 से 20 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। उपार्जन के लिए संभाग में 385 केन्द्र बनाए गए हैं। इन केन्द्रों में उपार्जन के लिए 12063 गठान बारदाना उपलब्ध है। बैठक में संचालक वेयरहाउस श्री अनुराग वर्मा ने कहा कि नए गोदामों की मैपिंग कराकर खरीदी केन्द्रों के प्रस्ताव दें। बैठक में रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने धान उपार्जन के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी दी। बैठक में कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल, कलेक्टर सतना सतीश कुमार एस, कलेक्टर मैहर रानी बाटड, कलेक्टर मऊगंज संजय कुमार जैन, कलेक्टर सीधी स्वरोचिष सोमवंशी, कलेक्टर सिंगरौली चन्द्रशेखर शुक्ला तथा खाद्य विभाग, कृषि विभाग, वेयरहाउस कार्पोरेशन, मण्डी बोर्ड तथा उपार्जन से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।



