प्रतिभा के नाम उपलब्धि, नई ट्रेन चलाने में लगाई हैट्रिक

Achievement for Pratibha: scores a hat-trick in launching new trains

भिलाई। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन बिलासपुर के अंतर्गत भिलाई की प्रतिभा बंसोड़ ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है। वह जोन की ऐसी पहली महिला लोको पायलट बन गई हैं, जिन्हें तीन अलग-अलग मौकों पर उद्घाटन होने वाली नई ट्रेनों को पहली बार सफलता पूर्वक चलाने और यात्रियों को सफर कराने का गौरव मिला है।

रावघाट स्टेशन से नई ट्रेन के संचालन को लेकर प्रतिभा का यह सफर रोमांचक और संघर्षशील रहा। इससे पहले उन्होंने 1 फरवरी 2016 को गुदुम से, फिर 14 अप्रैल 2018 को भानुप्रतापपुर से और अब तीसरी बार रावघाट से उद्घाटित ट्रेन को संचालित किया है।

रावघाट स्टेशन पर दोपहर ठीक 3.01 बजे दिल्ली से रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव, रायपुर से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और आयोजन स्थल से सांसद भोजराज नाग ने जैसे ही हरी झंडी दिखाई, प्रतिभा ने हार्न बजाते हुए ट्रेन को दुर्ग की ओर आगे बढ़ाया।

इस यात्रा में उनके साथ सहायक पायलट मनोज बंड रहे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में प्रतिभा ने पिछले 10 सालों के सफर के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में जब वह गुदुम से पहली बार ट्रेन लेकर आई थीं, तब वह क्षेत्र पूरी तरह नक्सल प्रभावित था।

उस समय मन में थोड़ी दुविधा जरूर थी, लेकिन कड़े प्रशिक्षण, ट्रैक के दोनों तरफ तैनात सुरक्षा बलों के जवानों और उच्च अधिकारियों के भरोसे ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया।

14 अप्रैल 2018 को भानुप्रतापपुर का सफर ऐतिहासिक रहा। वह पूरा दिन महिलाओं के नाम रहा था, जहां स्टेशन मास्टर से लेकर गार्ड, लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और टिकट निरीक्षक तक सारा स्टॉफ महिलाएं थीं।

इस बार रावघाट से ट्रेन चलाने का मौका मिलने पर उन्होंने इसे अपने अधिकारियों के भरोसे और मार्गदर्शन का परिणाम बताया।

Exit mobile version