केशकाल घाटी में दुर्घटना, लेकिन टली बड़ी तबाही
Accident in Keshkal Valley, but major disaster averted.

केशकाल। बस्तर संभाग के प्रवेश द्वार माने जाने वाले प्रसिद्ध केशकाल घाट में वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार सुबह लगभग 8:30 बजे घाट के अत्यंत संवेदनशील आठवें मोड़ पर एक ऑक्सीजन टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का मुख्य कारण वाहन का ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है।
ओडिशागामी टैंकर बना दुर्घटना का शिकार
ऑक्सीजन टैंकर जगदलपुर से राष्ट्रीय राजमार्ग 30 (NH-30) के रास्ते ओडिशा की ओर जा रहा था। जैसे ही वाहन आठवें मोड़ के तीखे ढलान पर पहुंचा, उसके ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। ब्रेक फेल होते ही भारी-भरकम टैंकर अनियंत्रित होकर मुख्य मार्ग पर ही पलट गया। इस घटना के बाद घाट मार्ग पर कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
चालक की सूझबूझ ने बचाई कई जानें
वाहन के चालक ने समय रहते अद्भुत सूझबूझ का परिचय दिया। टैंकर के पलटते ही चालक ने तत्काल उसकी मुख्य नली (वाल्व) से सुरक्षित तरीके से ऑक्सीजन का रिसाव (वेंटिंग) शुरू कर दिया। जानकारों के अनुसार, यदि गैस का नियंत्रित रिसाव नहीं किया जाता, तो टैंकर के भीतर अत्यधिक दबाव बनने से भीषण विस्फोट हो सकता था।
केशकाल घाटी में हालिया हुई दुर्घटनाएं
राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर स्थित 12 मोड़ों वाली केशकाल घाटी बस्तर संभाग की जीवनरेखा है, लेकिन वर्तमान में यह अत्यंत संवेदनशील दुर्घटना जन्य क्षेत्र (ब्लैक स्पॉट) बन चुकी है।
12 जून 2026: केशकाल घाट में एक खड़े खराब ट्रेलर से पीछे से आ रहा तेज रफ्तार हाइवा टकरा गया, जिससे घाट पर कई किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया था।
16 अप्रैल 2026: राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर एक मेटाडोर और ट्रक के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हुई, जिसमें दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए थे।
31 मार्च 2026: घाट के घुमावदार मोड़ पर अनियंत्रित होने के कारण 3 ट्रकों की आपस में शृंखलाबद्ध टक्कर हुई, जिसमें एक चालक सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
26 जनवरी 2026: गणतंत्र दिवस के दिन घाट के पांचवें मोड़ पर चावल से लदा एक अनियंत्रित ट्रक पलट गया, जिससे बस्तर-रायपुर मार्ग पर 10 घंटे से अधिक समय तक यातायात ठप रहा।



