बिलासपुर में विद्युत कार्य के दौरान दुर्घटना, करंट की चपेट में आया ठेका कर्मी

Accident during electrical work in Bilaspur, contract worker electrocuted

बिलासपुर। बिल्हा थाना क्षेत्र के मोहभट्टा मेला परिसर में बिजली सुधारने के दौरान एक गंभीर हादसा हो गया। 11 केवी विद्युत लाइन पर मरम्मत कर रहे एक ठेका कर्मी करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के बाद खंभे पर ही लटका रहा।

मौके पर मौजूद लोगों की मदद से घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। मिली जानकारी के अनुसार विद्युत लाइन में सुधार कार्य के लिए ठेका कर्मी को खंभे पर चढ़ाकर काम कराया जा रहा था। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गया।

आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि जिस लाइन पर काम किया जा रहा था, उसे पूरी तरह बंद नहीं किया गया था। इसी वजह से काम के दौरान करंट प्रवाहित होने से हादसा हुआ। युवक को करंट लगते ही वह बुरी तरह झुलस गया और खंभे पर ही फंस गया। इसे देख आसपास के लोगों और कर्मचारियों ने बिजली बंद कराने के बाद उसे किसी तरह नीचे उतारा। घटना के बाद झुलसे कर्मचारी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि युवक के शरीर का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया है। उसका इलाज सिम्स में किया जा रहा है।
सुरक्षा उपकरणों के बिना काम कराने का आरोप

मोहभट्टा मेला परिसर में हुए हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर खड़ा हो गया है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि जिस ठेका कर्मी को खंभे पर चढ़ाकर कार्य कराया जा रहा था, उसके पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं थे।

विद्युत लाइनों पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए इंसुलेटेड ग्लव्स, सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट, सुरक्षा जूते और अन्य उपकरण अनिवार्य माने जाते हैं, लेकिन मौके पर ऐसी व्यवस्थाएं नजर नहीं आईं। लोगों का आरोप है कि ठेका श्रमिकों से कई बार जल्दबाजी में काम कराया जाता है, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।

11 केवी लाइन पर कार्य के दौरान सुरक्षा प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन आवश्यक होता है। किसी भी प्रकार की चूक जानलेवा साबित हो सकती है। लाइन बंद थी या चालू, जांच में सामने आएगा सचघटना के बाद सबसे अहम सवाल यह उठ रहा है कि जिस 11 केवी लाइन पर कार्य किया जा रहा था, क्या उसे विधिवत बंद किया गया था या नहीं। साथ में काम करने वालों का दावा है कि लाइन में विद्युत प्रवाह बना हुआ था, जिसके कारण युवक करंट की चपेट में आया।

यदि यह तथ्य सही पाया जाता है तो यह गंभीर लापरवाही की श्रेणी में माना जाएगा। विद्युत विभाग के नियमों के अनुसार उच्चदाब लाइनों पर किसी भी प्रकार का कार्य शुरू करने से पहले शटडाउन लेना, लाइन को पूरी तरह डी-एनर्जाइज करना और सुरक्षा जांच पूरी करना अनिवार्य होता है। इसके बाद ही कर्मचारियों को खंभे पर चढ़ने की अनुमति दी जाती है।

स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में यह स्पष्ट होना चाहिए कि दुर्घटना तकनीकी कारणों से हुई या फिर सुरक्षा मानकों की अनदेखी इसका कारण बनी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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