लोकेश्वर सिन्हा
गरियाबंद, गरियाबंद जिला मुख्यालय में जिला अस्पताल पहुंच मार्ग पर बारहो मास पानी भरे होने से मरीजों को गंदे पानी को पार कर गुजरना होता है।सिस्टम की लाचारी और लोगों की बेबसी की तस्वीर जिला मुख्यालय में स्वाच्छता और टाउन कंट्री प्लान की पोल खोल रही है।
….. घुटने से नीचे तक भरा पानी का यह इलाका न तो कोई बरसाती नाला है.. और ना ही यह रास्ता कोई आम रास्ता है.. मशक्कत उठा कर पार करते ये लोग भी किसी खास वजह से ही इस मार्ग पर गुजरने को मजबूर है।सिस्टम की नाकामी और लाचारी बयां करती यह तस्वीर जिला अस्पताल पहुंच मार्ग की है। अस्पताल के प्रवेश द्वार से महज 100 मीटर पहले मार्ग नाला में तब्दील हो गया है। यहां पिछले 4 सालों से यही स्थिति है..पास में मौजूद राइस मिल का गंदा पानी और अस्पताल के भीतर हुई निस्तारी से निकले वाले गंदे पानी के अलावा वार्ड के आसपास का पानी वही एकत्र हो रहा है। पार करने वाले को स्वास्थ्य बिगड़ने का खतरा भी बना हुआ है, महिलाओं को भारी दिक्कते होती है, जूता और कपड़ा भी भीग जाता है।
दरअसल गरियाबंद नगरीय निकाय की श्रेणी में आने से पहले नेशनल हाइवे 130सी में पेट्रोलपंप के पास नीम रपटा हुआ करता था। लेकिन पिछले एक दशक से पानी की निकासी की प्लानिंग किए बगैर पालिका ने कई मकानों के निर्माण की अनुमति दे दी।जिससे बहाव का रास्ता बंद हुआ और पानी अस्पताल परिसर के आगे जमा होने लगा। अस्पताल प्रबंधन भी मानती है कि यह पालिका की चूक है, इस बात से पालिका के अफसर भी सहमत है पर कैमरे के आगे आने से इंकार करते हुए, मसला जल्द ठीक करने की बात कह रहे है। पालिका की दलील है कि बहुत जल्द एनएच में नाली निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। जिसके जरिए जाम पानी की निकासी होगी। इस बदहाली से जिला प्रशाशन भी इत्तेफाक रखता है, टीएल के बैठकों में यह मुद्दा कई बार उठ चुका है, इसमें एन एच पर नाली निर्माण जल्द कराने अफसर भी मौके मुवायना कर निर्माण कार्य में सहयोग की अपील करते नजर आए।