रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा में डायल-112 का ‘एसी कांड’,..रीवा के हाइटेक डायल 112 की मैनेजमेंट ने बंद कराई AC,.. एवरेज कम मिलने कि वजह से कराई बंद,.. बोले SP जांच शुरू दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कार्यवाही,..
एमपी अजब है… सबसे गजब है।” यह कहावत एक बार फिर रीवा में चरितार्थ होती नजर आ रही है। आम जनता की सुरक्षा और पुलिस की त्वरित सहायता के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर हाईटेक बनाई गई डायल-112 गाड़ियां अब कथित तौर पर अधिकारियों और मैनेजमेंट की मनमानी की भेंट चढ़ती दिखाई दे रही हैं। जिन वाहनों में पुलिसकर्मियों और पीड़ितों की सुविधा के लिए एयर कंडीशनर जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई थीं, उन्हीं वाहनों के एसी के फ्यूज और वायर काटे जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक, यह पूरा खेल गाड़ियों की एवरेज बढ़ाने और डीजल की खपत कम दिखाने के लिए किया गया। आरोप है कि मैनेजमेंट के निर्देश पर कई डायल-112 वाहनों के एसी निष्क्रिय कर दिए गए, ताकि चालक और पुलिसकर्मी चाहकर भी उनका उपयोग न कर सकें। भीषण गर्मी में शहर से लेकर दूरदराज के ग्रामीण इलाकों तक ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों को बिना एसी के काम करने पर मजबूर होना पड़ा, जबकि सरकार ने इन वाहनों को विशेष रूप से आधुनिक सुविधाओं से लैस कर उपलब्ध कराया था। मामला मीडिया में आने के बाद हड़कंप मच गया। जिम्मेदार अधिकारी कभी इसे तकनीकी खराबी बताते रहे तो कभी कुछ गाड़ियों का एसी खराब होने का दावा करते रहे, लेकिन कैमरे के सामने कोई भी अधिकारी स्पष्ट जवाब देने को तैयार नहीं दिखा। अब पूरे मामले पर रीवा पुलिस अधीक्षक गुरुकरण सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं। एसपी का कहना है कि यदि जांच में यह साबित होता है कि गाड़ियों की एवरेज बढ़ाने या किसी अन्य उद्देश्य से जानबूझकर एसी के फ्यूज या वायर काटे गए हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जनता की सुरक्षा के लिए खरीदी गई हाईटेक डायल-112 गाड़ियों के साथ आखिर यह कथित छेड़छाड़ किसके इशारे पर की गई और इसका जिम्मेदार कौन है?
