छत्तीसगढ़ में अव्यवस्थित रेल परिचालन पर ‘आप’ का बड़ा बयान, महीनों से ट्रेनों का परिचालन अव्यवस्थित होने से प्रदेशवासियों की बढ़ी परेशानी

प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने रेल विभाग सहित बीजेपी सांसदों पर साधा निशाना

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महीनों से अव्यवस्थित ट्रेन परिचालन होने के विषय में आज आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महीनों से लगातार प्रतिदिन दर्जनों से अधिक ट्रेनें कैंसिल हो रही हैं। इससे प्रदेशवासियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। जल्द ही सरकार ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो हम प्रदेश के सभी 9 बीजेपी लोकसभा सांसदों का घेराव करेंगे।

‘आप’ प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने भाजपा के खिलाफ मोर्चो खोलते हुए कहा कि पिछले कुछ महीनों से लगातार ट्रेन कैंसिल हो रही है जिससे आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूरदराज जाने वाले लोगों को घंटों ट्रेनों का इंतजार करना पड़ रहा है। साथ ही लोकल ट्रेन रद्द होने के कारण सबसे अधिक लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश में ट्रेन के माध्यम से लोग ग्रामीण अंचलों से शहर नौकरी या मजदूरी करने पहुंचते हैं, लेकिन लगातार लोकल ट्रेन कैंसिल होने के कारण उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारी, मध्यम वर्गीय व निम्न आय वाले परिवार ट्रेनों में ज्यादा सफर करते हैं। रेलवे की उदासीनता के चलते हैं उनकी जेब पर बड़ा असर पड़ रहा है। वह दूसरे संसाधनों से आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं।

मौके पर केंद्र सरकार को आंदोलन की चेतावनी देते हुए कोमल हुपेंडी ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 23 ट्रेनों को रद्द किया गया है। कृत्रिम कोयला संकट उत्पन्न कर बिजली एवं कोयला के दाम बढ़ाने की साजिश की जा रही है। जिस रुट में यात्री ट्रेन बन्द की गई है उस रूट में मालवाहक ट्रेन बेरोक टोक चल रही हैं। मोदी अपने चंद उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए आम जनता को परेशान कर रही है। छत्तीसगढ़ से हजारों करोड़ों कमाने वाली रेलवे और मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के यात्रियों को किस बात की सजा दे रही है? मुनाफाखोरी के लिये आम जनता की तकलीफ को नजरअंदाज करना भाजपा और मोदी सरकार का चरित्र बन चुका है। जल्द ही केंद्र की बीजेपी सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती तो हम प्रदेश के सभी 9 लोकसभा सांसदों के खिलाफ बड़े स्तर पर उग्र प्रदर्शन को विवश होंगे।

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