अनियमित कर्मचारियों की हड़ताल का “आप” ने किया समर्थन, पार्टी के पदाधिकारियों ने हड़तालियों से की मुलाकात: कोमल हुपेंडी

रायपुर। अनियमित कर्मचारियों के प्रदर्शन को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने भूपेश सरकार पर हमला बोला है। हुपेंडी ने कहा कि प्रदेश की राजधानी रायपुर में अलग-अलग विभागों के हजारों अनियमित कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार पर उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से आज, मंगलवार को आम पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय, प्रदेश सचिव उत्तम जायसवाल, रायपुर जिला सचिव विजय झा समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने धरना स्थल पहुंचकर उनसे मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया है। साथ ही उनकी मांगों को भूपेश सरकार से जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, 20 हजार रसोईया मध्यान्ह भोजन महिला तूता में धरना दे रहे। तेज आंधी तूफान बरसात के बीच आम आदमी पार्टी के नेता प्रमुख प्रवक्ता सूरज उपाध्याय, प्रदेश सचिव उत्तम जायसवाल एवं कर्मचारी नेता तथा जिला सचिव विजय कुमार झा ने बरसते पानी में समर्थन किया। तूता धरना स्थल बनाने का कांग्रेस सरकार की निंदा करते हुए सिंचाई कॉलोनी जैसे बूढ़ा तालाब धरना स्थल को भी व्यावसायिक कांप्लेक्स बनाने के कारण गरीबों को तूता भेजा गया है। यदि सरकार इनकी मांग पूरा नहीं करती तो 2023 के विधानसभा चुनाव में सरकार स्वयं अनियमित हो जाएगी।

कोमल हुपेंडी ने कहा, संविदा और स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमा सकती है। स्वास्थ्य कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को सरकार के सामने रख रहे हैं, बावजूद इसके कोई सुनवाई नहीं हुई। सरकार के इस उदासीन रवैये का खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ेगा। मांगे पूरी करने की बात छोड़िए कर्मचारियों से बात करना भी सरकार मुनासिब नहीं समझ रही है।

हुपेंडी ने कहा, अनियमित कर्मचारियों की हड़ताल स्वास्थ्य विभाग, पंचायत, कृषि, शिक्षा समेत अन्य मुख्य विभागों में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है। कांग्रेस ने घोषणापत्र में वादा किया था, लेकिन साढ़े चार साल में सरकार उसे भूल गई। इसलिए आज मजबूरन प्रदेश के कर्मचारियों को आंदोलन की राह अपनानी पड़ी। अगर भूपेश सरकार कर्मचारियों की मांगों पर अमल किया होता तो आज ऐसा न होता। आज प्रदेश का हर वर्ग भूपेश सरकार से नाराज है। यह भरोसे की नहीं बल्कि धोखे की सरकार है।

ठेकेदारी प्रथा को अपनाकर कर्मचारियों के साथ धोखा और नाइंसाफी की है। सरकार की गलत नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ में नियमितीकरण को लेकर अनियमित कर्मचारी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने पूरे कार्यकाल में सिर्फ घोटाले और भ्रष्टाचार करने में गंवा दिया। पिछले साढ़े 4 सालों से आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के अनियमित कर्मचारियों के साथ खड़ी रही और आगे भी उनके हक और मांगों की लड़ाई पार्टी लड़ती रहेगी।

हुपेंडी ने कहा कि साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार ने पूरा करने का वादा किया था, लेकिन साढ़े 4 साल से ज्यादा का समय होने के बावजूद उनकी एक भी मांग पूरी नहीं की गई। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के लाखों अनियमित कर्मचारियों को अपने हक के लिए धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है, जो अन्याय है। सरकार को प्रदेश के कर्मचारियों को जल्द ही नियमित करके राहत देनी चाहिए। जिससे प्रदेश की जनता को राहत मिल सके।

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