जशपुर में खौफनाक रात, 10 लोगों ने छोड़ा घर

A terrifying night in Jashpur; 10 people left their homes.

जशपुरनगर: हाथियों से बचने के लिए एक परिवार के 10 लोग को अपना घर छोड़ कर, रिश्तेदारों और परिचितों के यहां आश्रय लेना पड़ा है। इन परिवारों को वन विभाग की टीम ने ट्रेक्टर मे बैठा कर, गांव से निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। मामला जिले के घोर हाथी प्रभावित तपकरा वन परिक्षेत्र के धवईटोली की है।

जानकारी के अनुसार इस गांव मे बीति रात 29 हाथियों का दल पहुंचा। हाथी, बीती रात से ही गांव के जंगल और खेतों मे घूम रहे हैं। हाथियों की इस हलचल को देखते हुए वन विभाग ने यहां पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ मुनादी करा, स्थानीय रहवासियों को हाथियों से दूर रहने और जंगल व खेतों की ओर ना जाने की चेतावनी दी गईं है।

एक परिवार को किया गया सुरक्षित

रेंजर प्रवीण वर्मा ने बताया कि धवईटोली निवासी जय गोपाल का घर गांव के अंतिम छोर में स्थित है। घर के 700 मीटर के अंदर ही 29 हाथियों का दल डेरा जमाये हुए है। इससे इस परिवार पर रात के समय हाथियों के हमले का खतरा मंडरा रहा था। इस परिवार को सुरक्षित करने के लिए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर शुक्रवार को धवईटोली से निकाल कर बगियाकानी शिफ्ट किया गया है। इस परिवार को रात में घर में ना रहने की हिदायत दी गई है। हालांकि घर और अपने दैनिक कार्यो के लिए दिन भर वे घर मे रह सकते हैँ।

जिले मे 41 हाथियों ने जमाया हुआ है डेरा

उल्लेखनीय है कि जिले में इस वक़्त 29 हाथी तपकरा और पत्थलगांव रेंज मे डेरा जमाये हुए है। इनमे 29 हाथियों का दल तपकरा मे डटा हुआ है। यह दल झारखण्ड से बलरामपुर, अंबिकापुर होते हुए जशपुर जिला पहुंचा है। विभाग के अनुसार सरगुजा में रहने के दौरान हाथियों का यह दल दो भाग मे बंट गया था। लेकिन जशपुर के बगीचा मे दोनों दल फिर से मिल कर एक हो गए हैँ।

“हाथियों से परिवार को सुरक्षित करने के लिए एक परिवार को, उच्च अधिकारियो के निर्देश पर घर से सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है।” प्रवीण वर्मा, रेंजर तपकरा।

 

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