छत्तीसगढ़
एक मां की न्याय के लिए गुहार: कब मिलेगा अमित बंजारे को इंसाफ?”
A mother's plea for justice: When will Amit Banjare get justice?

विशेष संवाददाता बिलासपुर
माखन सिंह
कोटा। ग्राम कपसिया कला की एक बुजुर्ग महिला कौशल्या बाई इन दिनों दर-दर की ठोकरें खा रही हैं। उनकी एकमात्र संतान अमित बंजारे की मौत रहस्यमय परिस्थितियों में 24 /3/मार्च 2025 को हो गई थी। अब यह बुजुर्ग मां न्याय की आस में थानों और दफ्तरों के चक्कर लगाते-लगाते थक चुकी है, लेकिन इंसाफ अब तक दूर है।

कौशल्या बाई का आरोप है कि उनके बेटे अमित की मौत प्राकृतिक नहीं थी, बल्कि उसे सुनियोजित तरीके से ज़हर देकर मारा गया। इस हत्या में प्रमुख आरोपी के रूप में राजू अंचल नामक युवक का नाम सामने आया है, जो अमित का साथी था। बताया जाता है कि राजू ने शराब में ज़हर मिलाकर अमित को पिलाया और जब उसकी तबीयत बिगड़ी, तो उसे ऑटो में बैठाकर अस्पताल ले जाने की बात कही गई। लेकिन अस्पताल पहुंचते ही अमित की मौत हो गई।
मां का आरोप है कि अमित की मौत के तुरंत बाद राजू अंचल ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर शव को जल्दबाज़ी में गांव लाकर दफन कर दिया, ताकि कोई जांच या सवाल न उठ सके। उन्होंने गांव के लोगों से कहा कि बुजुर्ग महिला की कोई संतान नहीं है, इसलिए कोई कुछ नहीं कहेगा
लेकिन कौशल्या बाई ने हार नहीं मानी। उन्होंने शासन-प्रशासन से निवेदन कर अपने पुत्र के शव को कब्र से निकलवाया और पोस्टमार्टम करवाया। इसके बावजूद अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है, जिससे पूरे मामले में देरी हो रही है और आरोपी अब तक खुलेआम घूम रहा है।
कोटा थाना में इस मामले की मार्ग क्रमांक 75/25 के तहत शिकायत दर्ज है, लेकिन न्याय की दिशा में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
कौशल्या बाई हर दिन थाने और दफ्तरों के चक्कर लगाती हैं, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं। वह बार-बार सिर्फ यही सवाल करती हैं – “मेरे बेटे को न्याय कब मिलेगा? और उसके कातिल कब पकड़े जाएंगे
अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस पीड़ित मां की आवाज़ सुनेगा और उसे न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा?



