संघ शताब्दी वर्ष में संघ और अनुसांगिक संगठन के स्वयंसेवकों का बृहद पथ संचल
A massive procession of volunteers of the Sangh and affiliated organizations in the Sangh centenary year

सौ से अधिक स्वयंसेवकों ने किया संचलन पूर्व सैनिक के अध्यक्षता में बौध्दिक कार्यक्रम

गरियाबंद — राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर खण्ड देवभोग में स्वयंसेवकों ने नगर में पर संचलन किया इसमें बडी संख्या में स्वयंसेवकों सहित नगरवासी शामिल हुये।संघ को सौ वर्ष पूरे हुये इसकी तैयारी को लेकर संघ के दायित्ववान कार्यकर्ता महिने भर से तैयारी में जुटे थे मण्डलों में बैठकों से लेकर संघ के गणवेश की पूर्णता तक जुटे स्वयंसेवकों में शताब्दी वर्ष को लेकर भारी उत्साह देखी गयी।वहीं विजयादशमी के दिन संघ को सौ वर्ष पूरे हुये उस दिन 39 स्वयंसेवकों की उपस्थिति में शस्त्र पूजन के साथ बौध्दिक कार्यक्रम सम्पन्न किये गये।

सरस्वती शिशु मंदिर से नगर भ्रमण के साथ बौध्दिक कार्यक्रम के बाद समापन
संघ के स्वयंसेवकों ने संघ के शताब्दी वर्ष में सरस्वती शिशु मंदिर से पर संचलन का शुभारंभ किया वहीं नगर के गांधी चौक,राजापारा, बस्ती पारा में संचलन कर सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में बौध्दिक कार्यक्रम के बाद समापन किया इस अवसर पर देवभोग के 8 मंडल व मैनपुर खण्ड के गोहरापदर उरमाल अमलीपदर सरगीगुडा के संघ भाजपा,विहिप,अभाविप वन बंधु परिषद सहित विभिन्न अनुशांगिक संगठन के स्वयंसेवक बड़ी संख्या में शामिल हुये।
पूर्व सैनिक को बनाया बौध्दिक कार्यक्रम का अध्यक्ष
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष संचलन के बाद आयोजित बौध्दिक कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सैनिक दिगाम्बर सोनवानी ने की वहीं विहिप व राजिम के भूपेन्द्र सोनी मुख्य वक्ता थे।संघ के प्रत्येक कार्यक्रम समाज या देशसेवा में लगे लोगों की अध्यक्षता पर आधारित होता है।
समाज में पंच परिवर्तन से भारत विश्व गुरु की और बढ़ रहा –भूपेन्द्र सोनी
शताब्दी वर्ष के बौध्दिक कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित भूपेंद्र सोनी ने कहा कुटुम्ब प्रबोधन, सामाजिक समरसरता, स्वदेशी और आत्मनिर्भर, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य बोध ये पंच परिवर्तन होने से भारत विश्व गुरू की और बढ़ रहा है।वहीं पूर्व सैनिक दिगाम्बर सोनवानी की अध्यक्षता और जिला सह संघ चालक रामकुमार नागेश और खण्ड संघचालक मनोज रघुवंशी के विशिष्ट आतिथ्य पर संघ शताब्दी वर्ष का बौध्दिक कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।



