खेल/मनोरंजन

पैरा बैडमिंटन विवाद पर गौरव खन्ना का पलटवार

Gaurav Khanna hits back over Para-badminton controversy

भारत के पैरा बैडमिंटन कोच गौरव खन्ना ने एशियाई पैरा खेलों के दौरान एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये खिलाड़ियों का मनोबल गिराने के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि यह आरोप उन्हें बदनाम करने के लिये गढे गए ‘भ्रामक नैरेटिव’ हैं क्योंकि उन्होंने चयन मसलों में ‘दस्तावेजी अनियमितताओं’ का मसला उठाया था।

यह विवाद सोशल मीडिया पर खन्ना की अब डिलीट कर दी गई एक पोस्ट के कारण पैदा हुआ जिसमें उन्होंने कयास लगाया था कि भारत को 2022 पैरा एशियाई खेलों की तुलना में कम पदक मिलेंगे। फाइनल से एक दिन पहले उन्होंने लिखा था कि भारत को दो स्वर्ण समेत 16 पदक मिलेंगे ।भारत ने तीन स्वर्ण समेत 16 पदक जीते।

वहीं 2022 खेलों में भारत ने चार स्वर्ण समेत 21 पदक पैरा बैडंिमटन में जीते थे। खिलाड़ियों ने आरोप लगाया था कि खन्ना की पोस्ट के कारण उन पर दबाव बना। उन्होंने खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण से इसकी जांच की मांग की थी। लखनऊ में बैडंिमटन अकादमी चलाने वाले खन्ना ने कहा ,” मुझे इस बात की ंिचता है कि उस पोस्ट के कुछ समय दिखने के लगभग एक हफ्ते बाद यानी 27 अक्टूबर को सार्वजनिक आरोप लगाए गए जिनका मकसद उन अनियमितताओं से ध्यान भटकाना था, जिन्हें मैंने एशियाई पैरा खेल खत्म होने के बाद उच्च अधिकारियों के सामने उठाया था।” उन्होंने पीटीआई को जारी बयान में कहा ,” इसकी टाइंिमग गहरी ंिचता का विषय है।

मेरे द्वारा मसला उठाये जाने की जानकारी मिलने के बाद सभी संबंधित लोगों ने भ्रामक सार्वजनिक धारणा बनाकर मुझे बदनाम करने की कोशिश की ताकि मुख्य मसले से ध्यान हट जाये ।” भारत के पैरा बैडंिमटन प्रमुख के प्रभाकर राव और छह बार के विश्व चैम्पियन खिलाड़ी प्रमोद भगत ने खन्ना की सोशल मीडिया पोस्ट की आलोचना करके कहा था कि इससे खिलाड़ियों के मनोबल पर असर पड़ा।

खन्ना ने कहा ,” वह पोस्ट 22 अक्टूबर को रात नौ बजे लिखी गई और दो तीन मिनट में डिलीट कर दी गई । 22 अक्टूबर से 27 अक्टूबर के बीच बीएआई प्रमुख या किसी ने उसके बारे में मुझसे नहीं पूछा और कोई बवाल नहीं खड़ा हुआ ।” उन्होंने कहा ,” इसके अलावा उस समय जापान में 23 अक्टूबर को लगभग रात के 12:30 बजे होंगे। अगर प्रमोद का दावा है कि उस थोड़े से समय में इसे देखकर वह परेशान हो गया था तो उसने इसे कब और कैसे देखा? क्या वह अपने फाइनल मैच से ठीक पहले आधी रात के बाद सोशल मीडिया देख रहा था, जबकि उसे आराम करना चाहिए था और कुछ घंटों बाद होने वाले मैच पर ध्यान देना चाहिए था।” खन्ना ने कहा कि कुछ योग्य खिलाड़ियों को खेलों के लिये चुना नहीं गया और यह मसला उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है ।

उन्होंने कहा ,” अपने अपने वर्ग में एशिया के शीर्ष छह खिलाड़ियों में शामिल चिराग बरेटा, अम्मु मोहन, शशांक कुमार और मनीषा पटेल को बाहर क्यो किया गया । खिलाड़ियों के लिखित बयान पर क्या कार्रवाई की गई ।” उन्होंने कहा ,”मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि साइ और खेल मंत्रालय ने भी संबंधित प्रशासन द्वारा गढी गई धारणाओं पर भरोसा करके गलती की। मेरे पेशेवर आकलन के अनुसार साइ और खेल मंत्रालय के समक्ष तकनीकी पहलुओं को स्पष्ट नहीं कर पाने के कारण भारत ने कम से कम चार संभावित पदक जीतने के मौके गंवा दिए।”

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