गरियाबंद: उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में 3500 घायल पेड़ों को मिलेगा नया जीवन, ट्री डॉक्टर कर रहे वैज्ञानिक उपचार
Gariaband: 3,500 injured trees in the Udanti-Sitanadi Tiger Reserve are set to get a new lease on life, as 'tree doctors' provide them with scientific treatment.
लोकेश्वर सिन्हा, गरियाबंद
गरियाबंद – गरियाबंद के उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में हुए अतिक्रमण के बाद भारी मात्रा में अतिक्रमणकारियों द्वारा विशाल पेड़ों को भारी नुकसान पहुंचाया गया, जिसे अब ट्री डॉक्टर की मदद से घायल पेड़ों का इलाज उदंती सीतानदी की टीम द्वारा किया जा रहा है।
वि ओ 1 – जंगल को बचाने के लिए सिर्फ नए पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि पुराने और विकसित पेड़ों को बचाना भी बेहद जरूरी है, गरियाबंद जिले के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के करका गांव में वन संरक्षण की ऐसी ही एक अनूठी पहल शुरू की गई है, यहां जानबूझकर नुकसान पहुंचाए गए करीब 3 हजार 500 पेड़ों को बचाने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों से उपचार किया जा रहा है, इस अभियान का उद्देश्य घायल पेड़ों को नया जीवन देना और जंगल की जैव विविधता को संरक्षित करना है, पेड़ों को बचाने की अनूठी पहल
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के करका गांव में हजारों पेड़ों को बचाने की मुहिम शुरू हुई है, इन पेड़ों के तनों की छाल को अलग-अलग स्थानों पर चारों तरफ से काटकर नुकसान पहुंचाया गया था, छाल के इस तरह कट जाने से पेड़ों में पानी और पोषक तत्वों का प्रवाह बाधित हो सकता है, जिससे उनके सूखने का खतरा बढ़ जाता है, ऐसे में वन विभाग और संरक्षण से जुड़े प्रयासों के तहत इन पेड़ों को बचाने के लिए वैज्ञानिक उपचार का सहारा लिया जा रहा है।
विओ 2 – इस अभियान में पेड़ों की स्थिति के अनुसार अलग-अलग तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिन पेड़ों के तनों की छाल पूरी तरह कट गई है, उन्हें बचाने के लिए ब्रिज ग्राफ्टिंग तकनीक अपनाई जा रही है, इसके जरिए तने के क्षतिग्रस्त हिस्से के ऊपर और नीचे के जीवित ऊतकों के बीच संपर्क बहाल करने का प्रयास किया जाता है, वहीं, अधिक क्षतिग्रस्त पेड़ों पर लिक्विड बैंडेजिंग तकनीक से उपचार किया जा रहा है, इसके अलावा पेड़ों की जड़ों को स्वस्थ रखने और उनके विकास में मदद के लिए जड़ क्षेत्र में विशेष पोषक घोल भी डाला जा रहा है।
विओ 3 – विकसित जंगल बचाना सबसे जरूरी है, ऐसे में करीब 3 हजार 500 पेड़ों को बचाने की यह पहल वन संरक्षण के महत्व को रेखांकित करती है, विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने और विकसित पेड़ जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने, वन्यजीवों को आश्रय देने और जैव विविधता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, हालांकि, उपचार की सफलता पेड़ों की वास्तविक स्थिति और क्षति की गंभीरता पर निर्भर करेगी,
जंगल को तैयार होने में दशकों लग जाते हैं, लेकिन कुछ ही समय में उसे भारी नुकसान पहुंचाया जा सकता है, ऐसे में घायल पेड़ों को बचाने की यह पहल एक महत्वपूर्ण संदेश देती है, नए पौधे लगाना जरूरी है, लेकिन पहले से मौजूद विकसित जंगल और पेड़ों को बचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

