छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में हाथियों का आतंक, धान की फसल बर्बाद

Elephants wreak havoc in Chhattisgarh; paddy crops destroyed

रायगढ़ । धरमजयगढ़ क्षेत्र में 148 हाथी विचरण कर रहे हैं। अलग-अलग दलों में 46 नर, 72 मादा और 30 शावक शामिल हैं। हाथियों के दल शाम होते ही भोजन की तलाश में गांवों और खेतों के करीब पहुंच रहे हैं। इससे धान की फसल को नुकसान हो रहा है। वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार

धरमजयगढ़ के क्रोधा में 10 हाथियों के दल ने किसान रामो राठिया और किशन राठिया की फसल को नुकसान पहुंचाया। आमापाली में 12 हाथियों के दल ने सोनाराम, महतू, राम चितरंजन, नर्मदा, मंगलू और श्रवण की फसल को नुकसान पहुंचाया।

कांसाबाहर, बोचिया और बेहरामार में भी एक-एक किसान की फसल को नुकसान हुआ है। वहीं नवाडीह भकुर्रा में हाथियों ने मिलन दुलार, सुकुरमती, कुंती, महेत्तर और लोभन की धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। किसानों को हुए नुकसान का प्रकरण भी तैयार किया जा रहा है।

कोरबा: हाथियों ने फसल को पहुंचाया नुकसान, गांवों में दहशत

कटघोरा वन मंडल के पसान रेंज में घूम रहे 52 और कोरबा वन मंडल के करतला रेंज में घूम रहे 9 हाथियों ने 20 किसानों की धान फसल को नुकसान पहुंचाया है। पसान रेंज में हाथी के हमले की घटना के बाद निगरानी बढ़ा दी गई है। वन विभाग की टीम ग्रामीणों को जंगल की ओर जाने से रोक रही है।

कटघोरा वन मंडल में 56 हाथी हैं। इनमें 52 हाथी तीन दिनों से खोडरी क्षेत्र में घूम रहे हैं। शुक्रवार को हाथियों को भगाने पहुंचे प्रताप सिंह गिरकर घायल हो गए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत है। हाथी दिन में भी खेतों में पहुंचकर फसल खा रहे हैं।

करतला रेंज के लबेद में घूम रहे 9 हाथियों ने दूसरे दिन भी काशीपानी में धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। पसान रेंजर मनीष सिंह ने बताया कि हाथियों की निगरानी के लिए दो टीमें लगाई गई हैं।

जशपुर: फसल बचाना चुनौती, जनहानि न हो इसलिए ग्रामीणों को दे रहे समझाइश

रविवार सुबह करीब 6 बजे रायगढ़ जिले की ओर से 32 हाथियों का दल बारीकजोर जंगल स्थित हाथीबेड आरएफ 902 और 903 में पहुंचा है। इसके बाद वन विभाग ने आसपास के गांवों में सतर्कता बरतने की सूचना दी। विभाग की सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीणों को हाथियों से छेड़खानी ना करने देने की है।

इधर ग्रामीण अपनी तैयार फसलों को लेकर चिंतित हैं। क्योंकि यदि दल खेत में घुसता है तो एक ही रात में कई एकड़ में लगी धान की फसल को चट कर सकता है। इन दिनों किसानों की धान की फसल खेत में पक चुकी है।

दशहरा के बाद किसान इसकी कटाई शुरू करने की तैयारी में हैं। इस बीच हाथियों के बड़े दल के आगमन ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। करीब आठ गांव में किसानों को अब अपनी फसल बचाने की चिंता सता रही है।

राउरकेला: हावड़ा-मुंबई रेलमार्ग पर 24 हाथियों के दल ने रोक दी चार ट्रेनें

चक्रधरपुर रेल मंडल के हावड़ा-मुंबई मुख्य रेलमार्ग पर बंडामुंडा रेलखंड में 24 जंगली हाथियों के झुंड ने रेल परिचालन रोक दिया। स्थिति रविवार देर रात करीब 2 बजे शुरू हुई। चार यात्री ट्रेनें प्रभावित हुईं। यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। घटना बंडामुंडा के ए केबिन और डी केबिन के बीच की है। धनबाद-एर्नाकुलम अलप्पुझा एक्सप्रेस, धनबाद स्पेशल, सूरत-मालदा एक्सप्रेस और शालीमार सुपरफास्ट एक्सप्रेस का परिचालन बाधित हुआ।

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