हुनर बना सहारा, सिलाई से मंती की बढ़ी आमदनी
Skill becomes a lifeline: Manti's income rises through tailoring.

रायपुर । हुनर को अवसर मिले तो वह आत्मनिर्भरता का रास्ता खोल सकता है। बलरामपुर जिले के रामचन्द्रपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कुशफर निवासी श्रीमती मंती आयम ने सिलाई-कढ़ाई के कौशल से अपनी पहचान बनाई है। आज वे गांव में ही सिलाई का काम कर हर महीने 5 से 6 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं।
आठवीं तक पढ़ी श्रीमती आयम घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच आय का साधन तलाश रही थीं। इसी दौरान उन्हें संसदीय संकुल विकास परियोजना की जानकारी मिली। परियोजना के तहत उन्होंने सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण से उन्हें काम का कौशल और अपने हुनर पर भरोसा मिला।
इसके बाद उन्होंने गांव में ही सिलाई का काम शुरू किया। मेहनत और काम की गुणवत्ता से धीरे-धीरे उन्हें गांव और आसपास के क्षेत्र में पहचान मिलने लगी। उनकी आय अब घरेलू जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई में सहयोग कर रही है।
श्रीमती आयम की कहानी बताती है कि कौशल प्रशिक्षण ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर खोल सकता है। उनका प्रयास गांव की अन्य महिलाओं को भी अपने हुनर को आजीविका से जोड़ने के लिए प्रेरित कर रहा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत शासन की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।



