सोशल मीडिया पोस्ट पर विश्वविद्यालय में मचा बवाल
Uproar at the university over a social media post.

राजनांदगांव। राजकुमारी इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ की कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा के खिलाफ इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रही पोस्ट को लेकर विश्वविद्यालय परिवार ने कड़ी आपत्ति जताई है। शिक्षकों ने कहा है कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट से कुलपति के कार्यकाल को लेकर तथ्यहीन और भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है, जिससे विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी प्रतिक्रिया में कहा गया है कि कुलपति के कार्यकाल में शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया है और विश्वविद्यालय की खोई हुई प्रतिष्ठा को वापस लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। समय पर परीक्षा परिणाम जारी करना, अकादमिक गतिविधियों में तेजी लाना और दीक्षांत समारोह का सफल आयोजन उनकी प्रमुख प्रशासनिक उपलब्धियों में शामिल है।
क्या थे सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप?
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की नियुक्ति, नई नियुक्तियों, शोध पंजीयन, निरीक्षण दल के गठन, सीएएस प्रक्रिया और वित्तीय प्रबंधन को लेकर कई सवाल उठाए गए थे। इन आरोपों पर विश्वविद्यालय का कहना है कि इस तरह के गंभीर आरोप लगाते समय प्रमाण और दस्तावेज होने चाहिए। बिना किसी साक्ष्य के भ्रष्ट आचरण जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
विश्वविद्यालय ने दिया हर आरोप पर जवाब
विश्वविद्यालय ने अपने जवाब में कहा है कि दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की व्यवस्था जरूरत के हिसाब से पहले भी होती रही है, यह कोई नई बात नहीं है। डीन की नियुक्ति शासन स्तर से की गई है, इसलिए इसका दायित्व कुलपति पर डालना सही नहीं है। वहीं निरीक्षण दलों में बाहरी सदस्यों की नियुक्ति को लेकर विश्वविद्यालय ने दावा किया है कि यह विश्वविद्यालय के अध्यादेश में पहले से प्रावधानित है।
रायगढ़ में प्रस्तुति के दौरान प्राप्त सम्मान राशि के दान को लेकर कहा गया कि यह कलाकार की अपनी स्वैच्छिक पहल थी। दीक्षांत समारोह के खर्च पर उठे सवालों पर विश्वविद्यालय ने कहा कि पिछले आयोजनों की तुलना में इस बार का दीक्षांत समारोह कम खर्च में कराया गया है, जो वित्तीय अनुशासन को दिखाता है।
फर्जी पहचान पत्र का भी आरोप
ग्राफिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष के हवाले से जारी प्रतिक्रिया में इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित एक पहचान पत्र को भी फर्जी बताया गया है। विश्वविद्यालय परिवार ने इस तरह की सामग्री की निंदा की है और कहा है कि किसी भी शिकायत या आपत्ति का समाधान विधिसम्मत प्रक्रिया और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही होना चाहिए, न कि सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट फैलाकर।
सांस्कृतिक समाचार नाम की फेसबुक आईडी से हुए थे पोस्ट
जानकारी के अनुसार, इंटरनेट मीडिया पर ‘सांस्कृतिक समाचार’ नाम की फेसबुक आईडी से खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा के कार्यकाल को लेकर कई सवाल और आरोप प्रसारित किए गए थे। इनमें नियुक्तियों, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों, शोध पंजीयन, सीएएस प्रक्रिया और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े मुद्दे शामिल थे। विश्वविद्यालय ने इन सभी आरोपों को तथ्यहीन और भ्रामक बताते हुए कहा है कि किसी भी मामले में निष्कर्ष दस्तावेज और विधिसम्मत जांच के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।


