रायपुर में सांडों का आतंक, बुजुर्ग घायल
Menace of bulls in Raipur; elderly person injured.

रायपुर। रायपुर शहर की सड़कों पर आवारा मवेशियों का आतंक है। आमानाका-कुकरबेड़ा इलाके में शुक्रवार सुबह तीन सांडों की लड़ाई के बीच 62 साल की बुजुर्ग महिला चपेट में आ गई। महिला घर के बाहर ठेले से सब्जी खरीद रही थी। तभी बेकाबू सांडों की जोरदार टक्कर से महिला सड़क पर गिर गई।
इसके बाद भी सांड आपस में लड़ते हुए महिला के घर में घुस गए। पूरी घटना का घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घायल महिला का नाम बरखा मोगरे है। उनके कंधे पर गंभीर चोट आई है। 8 महीने पहले ही बुजुर्ग महिला के रीढ़ की हड्डी की सर्जरी हुई थी और वे अभी रिकवरी कर रही थी।
सुबह घर के बाहर सब्जी लेने निकली थीं, तभी हुआ हादसा
परिजनों के मुताबिक, बरखा मोगरे शुक्रवार सुबह करीब साढे 8 बजे घर के बाहर सब्जी खरीदने निकली थी। वे ठेले के पास खड़ी होकर सब्जी खरीद रही थी। इसी दौरान पास में तीन सांड आपस में लड़ने लगे। देखते ही देखते सांड बेकाबू हो गए और लड़ते हुए महिला की ओर आ गए।
महिला संभल पातीं, इससे पहले ही एक सांड ठेले से टकरा गए और महिला भी उसकी चपेट में आ गई। टक्कर इतनी तेज थी कि वे जमीन पर गिर पड़ीं। इसके बाद तीनों सांड लड़ते हुए घर के अंदर तक पहुंच गए।
बेटे ने कहा- मम्मी अभी पूरी तरह ठीक भी नहीं हुई है
घायल महिला के बेटे जयंत मोगरे ने बताया कि, उनकी मां की करीब 1 साल पहले रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद से वे लगातार रिकवरी कर रही थी। अभी कंधे के अलावा उन्हें अंदरूनी चोट आई है। हादसे के बाद से मम्मी बहुत डरी हुई है।
जयंत ने कहा कि सड़कों पर इस तरह खुले घूम रहे आवरा सांडों के कारण लोगों की जान खतरे में है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह बड़ा खतरा है। इस ओर निगम को कार्रवाई करनी चाहिए।
निगम प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नगर निगम प्रशासन के प्रति नाराजगी है। स्थानीय निवासी किशन लाला ने कहा कि, कुकरबेड़ा बोहरा मस्जिद इलाके में लंबे समय से आवारा मवेशियों का जमावड़ा रहता है। सड़क और रिहायशी इलाकों में सांड घूमते रहते हैं। कई बार ये आपस में लड़ते हैं और राह चलते लोगों को भी चपेट में ले लेते हैं।
नगर निगम में शिकायतों के बावजूद निगम प्रशासन की ओर से आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।



