सावन का पहला सोमवार, भोरमदेव धाम में आस्था का महाकुंभ
First Monday of Sawan: A grand confluence of faith at Bhoramdeo Dham.

कवर्धा। सावन के प्रथम सोमवार पर कबीरधाम जिला पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में सराबोर है। सुबह सात बजे कवर्धा के बूढ़ा महादेव मंदिर से 18ह किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक भोरमदेव पदयात्रा की शुरुआत हो चुकी है। हजारों की संख्या में शिवभक्त हर-हर महादेव के जयघोष के साथ भगवान भोरमदेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए आगे बढ़ रहे हैं। वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य और यातायात के व्यापक इंतजाम किए हैं।
श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए समनापुर, बरपेलाटोला, कोडार, राजानवागांव, बाघूटोला, छपरी और भोरमदेव मंदिर परिसर में शीतल पेयजल एवं जलपान की विशेष व्यवस्था की गई है। यात्रा मार्ग पर चलित एम्बुलेंस और विभिन्न स्थानों पर मेडिकल बूथ तैनात हैं। इसके अलावा, पदयात्रा समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं की वापसी के लिए भोरमदेव से कवर्धा तक निःशुल्क बस सेवा भी संचालित हो रही है।
यातायात डायवर्सन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सुरक्षा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए समनापुर से भोरमदेव तक चारपहिया और भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। लालपुर-सरोधा-भोरमदेव मार्ग को वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए 500 से अधिक पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, होमगार्ड और स्वयंसेवक तैनात हैं। यात्रा मार्ग और मंदिर परिसर की निगरानी आधुनिक ड्रोन कैमरों व सीसीटीवी के माध्यम से की जा रही है, जिससे सभी श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में अपनी आस्था व्यक्त कर सकें।



