छत्तीसगढ़

‘मातृछाया’ बनी परित्यक्त बच्चों की नई उम्मीद

'Matruchhaya' becomes a new ray of hope for abandoned children.

रायपुर। महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े रायपुर के कोटा स्थित सेवा भारती संचालित ‘मातृछाया‘ के 20वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान द्वारा नवजात, परित्यक्त एवं बेसहारा शिशुओं के संरक्षण, पालन-पोषण, शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए इसे सेवा और संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बच्चों से आत्मीय मुलाकात कर कहा कि मातृछाया ऐसे बच्चों को सुरक्षित आश्रय, स्नेह और बेहतर भविष्य देने का सराहनीय कार्य कर रही है। यहां बच्चों की देखभाल के साथ कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें निःसंतान दंपतियों को दत्तक दिए जाने की व्यवस्था भी की जाती है। सेवा भारती खोए हुए बच्चों को उनके परिजनों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि ‘नर सेवा ही नारायण सेवा‘ की भावना के साथ कार्य कर रहे संस्थान के कार्यकर्ता समाज के लिए प्रेरणा हैं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने सेवा भारती ‘मातृछाया‘ परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए संस्था के सेवा कार्यों के निरंतर विस्तार की कामना की।

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