“SECL अमेरा कोल माइंस में विजिलेंस का छापा, जांच शुरू होते ही मचा हड़कंप”
Vigilance raid at SECL's Amera coal mines; panic ensues as investigation begins.

अंबिकापुर। एसईसीएल विश्रामपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली अमेरा कोल माइंस में विजिलेंस टीम की छापामार कार्रवाई से हड़कंप मच गया। बिलासपुर मुख्यालय से पहुंची एसईसीएल की विजिलेंस टीम ने खदान परिसर में कोयला उत्पादन, भंडारण, कोयला परिवहन, डिस्पैच रिकॉर्ड कई दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।
लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद मुख्यालय का एक्शन
लंबे समय से अमेरा खदान में कोयला चोरी, परिवहन रजिस्टर में गड़बड़ी और ट्रकों से अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। लखनपुर क्षेत्र में कोयला परिवहन में बाधा, सड़कों की बदहाली और कथित वसूली को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे थे। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसईसीएल मुख्यालय ने विजिलेंस जांच के निर्देश दिए थे।
विजिलेंस टीम ने फाइलों और ऑनलाइन रिकॉर्ड का शुरू किया मिलान
विजिलेंस टीम के अचानक खदान पहुंचते ही अधिकारियों-कर्मचारियों में खलबली मच गई। टीम ने परिवहन रजिस्टर, डिस्पैच रिकॉर्ड, भुगतान संबंधी फाइलों और ऑनलाइन एंट्री का मिलान शुरू किया। प्रारंभिक जांच में कुछ अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों का दावा है कि जांच पूरी होने पर गड़बड़ी सामने आ सकती है।
एसईसीएल प्रबंधन ने कार्रवाई को बताया तकनीकी खराबी
दूसरी ओर एसईसीएल प्रबंधन ने विजिलेंस की कार्रवाई को तकनीकी बताया है। प्रबंधन का कहना है कि अमेरा खदान में ऑनलाइन डिस्पैच सिस्टम में तकनीकी खराबी आने के कारण विजिलेंस टीम दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रही है।
प्रबंधन ने कोयला चोरी और अवैध वसूली के आरोपों पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है। अमेरा कोल माइंस विश्रामपुर क्षेत्र की महत्वपूर्ण खदान है। यहां अव्यवस्था और वसूली को लेकर पहले भी विवाद होते रहे हैं।



