छत्तीसगढ़

फर्जी GST इनपुट का खेल उजागर, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

Fake GST input scam exposed; mastermind arrested.

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य GST विभाग ने फर्जी बिलिंग और बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 53 करोड़ रुपए की बोगस बिलिंग के मामले में मुख्य आरोपी विजय कुमार यादव को गिरफ्तार किया है। विभाग के अनुसार आरोपी ने 53 करोड़ रुपए की फर्जी बिलिंग के जरिए 9.54 करोड़ रुपए के टैक्स फ्रॉड को अंजाम दिया। उसे 20 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था और कोर्ट ने 3 अगस्त तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

दो फर्मों के जरिए तैयार किया फर्जी बिलिंग का नेटवर्क

GST विभाग की शुरुआती जांच में सामने आया कि विजय कुमार यादव ने मेसर्स माया स्टील एंड एंटरप्राइज और मेसर्स मायरा स्टील एंटरप्राइजेज के नाम से दो फर्मों का संचालन किया। इन फर्मों के जरिए करीब 53 करोड़ रुपए की बोगस बिलिंग कर 9.54 करोड़ रुपए का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) अलग-अलग फर्मों को ट्रांसफर किया गया।

जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने बंद और फर्जी फर्मों से मिले फर्जी ITC का दावा कर उसका इस्तेमाल अपनी टैक्स देनदारी चुकाने में भी किया।

जांच में सामने आईं ये बड़ी गड़बड़ियां

10 ऐसी फर्मों से, जिनका GST पंजीयन रद्द हो चुका था या जो आपस में संबंधित पक्ष थीं, ITC-02 के जरिए 6.13 करोड़ रुपए के फर्जी ITC का दावा और उपयोग किया गया। जबकि इनके बीच कोई वास्तविक विलय, डी-मर्जर या अमलगमेशन नहीं हुआ था।

पंजाब समेत अन्य राज्यों की 9 ऐसी फर्मों से, जिनका GST रजिस्ट्रेशन रद्द था या जो अस्तित्व में ही नहीं थीं, 1.99 करोड़ रुपए के फर्जी ITC का दावा किया गया। जांच में इन फर्मों से किसी भी तरह की वास्तविक माल आपूर्ति नहीं मिली।

बिना किसी वास्तविक खरीद के GSTR-2B की तुलना में GSTR-3B में 1.41 करोड़ रुपए का अतिरिक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम कर उसका लाभ लिया गया।

खुद भी लिया फर्जी ITC का फायदा

GST विभाग के मुताबिक आरोपी ने सिर्फ दूसरी फर्मों को 9.54 करोड़ रुपए का फर्जी ITC ट्रांसफर ही नहीं किया, बल्कि खुद भी इतनी ही राशि के फर्जी ITC का दावा और उपयोग किया। बिना वास्तविक माल की खरीद-बिक्री किए सिर्फ बिलों के आधार पर लेन-देन दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का अनुचित लाभ लिया गया, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान हुआ।

विशेष अभियान के तहत हुई कार्रवाई

राज्य GST विभाग फर्जी बिलिंग और बोगस ITC के खिलाफ विशेष अभियान चला रहा है। इसी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। विभाग का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button