छत्तीसगढ़

सबूतों की निगरानी अब डिजिटल, गुढ़ियारी थाने में ई-मालखाना

Evidence monitoring goes digital; 'e-Malkhana' at Gudhiyari police station.

रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट ने अपराधों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी व तकनीक आधारित बनाने की दिशा में कदम उठाया है। गुढ़ियारी थाना अब प्रदेश के चुनिंदा आधुनिक थानों में शामिल हो गया है, जहां ई-मालखाना प्रणाली शुरू कर दी गई है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद चाकू, छुरी, डंडा, तलवार, गुप्ती, ड्रग, गांजा, अफीम, सोना-चांदी के जेवर, वाहन समेत हर जब्त सामग्री को यूनिक बारकोड दिया जाएगा। यदि किसी केस में पांच या 10 साल वर्ष बाद भी कोर्ट साक्ष्य की मांग करती है, तो संबंधित सामान कुछ ही सेकंड में सिस्टम पर ट्रेस हो जाएगा।

सोमवार को पुलिस कमिश्नर डा. संजीव शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले ने गुढ़ियारी थाने में ई-मालखाना प्रणाली का शुभारंभ किया। इस दौरान डीसीपी नार्थ मयंक गुर्जर, डीसीपी वेस्ट संदीप पटेल, अतिरिक्त डीसीपी आकाश मरकाम, एसीपी पूर्णिमा लामा सहित अन्य अधिकारियों ने सिस्टम का डेमो देखा और इसकी कार्यप्रणाली की समीक्षा की।

खोजने की नहीं पकड़ेगी जरूरत

अब तक थानों में जब्त सामान पर केवल अपराध क्रमांक लिखकर उसे मालखाने में रख दिया जाता था। वर्षों बाद अदालत में साक्ष्य पेश करने की नौबत आने पर संबंधित सामान ढूंढने में कई घंटे लग जाते थे। कई बार 4-5 कर्मचारियों को मालखाने के रैक और रिकार्ड खंगालने पड़ते थे। नई डिजिटल व्यवस्था से यह पूरी प्रक्रिया बदल जाएगी। हर जब्त वस्तु का बारकोड आधारित डिजिटल पंजीयन किया जाएगा और उसे रैकवार विज्ञानीय तरीके से व्यवस्थित रखा जाएगा।

बारकोड स्कैन करते ही संबंधित वस्तु की जानकारी

बारकोड स्कैन करते ही संबंधित वस्तु की पूरी जानकारी स्क्रीन पर उपलब्ध होगी। इसमें केस नंबर, जब्ती की तारीख, जब्त करने वाले अधिकारी का नाम, सामग्री किस रैक में रखी है, वर्तमान में थाना, फारेंसिक लैब या न्यायालय में है अथवा पीड़ित को सुपुर्द कर दी गई है। ई-मालखाना लागू करने से पहले गुढ़ियारी थाने में रखे सभी जब्त माल का भौतिक सत्यापन कराया गया। इसके बाद सामान को A1, A2, B1, B2 श्रेणियों में वर्गीकृत कर व्यवस्थित किया गया। प्रत्येक वस्तु पर बारकोड लगाकर उसका साफ्टवेयर आधारित डिजिटल रिकार्ड तैयार किया गया है। अब माल जमा करने, निकालने, न्यायालय भेजने अथवा वापस रखने जैसी हर गतिविधि आनलाइन दर्ज होगी।

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