छत्तीसगढ़

त्याग और संघर्ष को रायपुर में मिला सम्मान

Sacrifice and struggle honored in Raipur

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि, लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष और त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का ऐसा दौर था, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका ‘आपातकाल के योद्धा’ का विमोचन किया और राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।

मुख्य वक्ता इंद्रेश कुमार ने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि एक जीवन मूल्य है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ा था। लोकतंत्र सेनानियों ने जेल और यातनाएं झेलकर लोकतांत्रिक आदर्शों की रक्षा की।

उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना अपनाने, सामाजिक समरसता बढ़ाने और नशामुक्त एवं स्वच्छ समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने साझा की पारिवारिक स्मृतियां

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आपातकाल के समय उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय नरहरि साय 19 महीने तक जेल में रहे थे। उन्होंने बताया कि उस दौर में लोकतंत्र सेनानियों के परिवारों को आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्वयंसेवक भेष बदलकर उनके घरों तक राशन पहुंचाते थे ताकि कोई परिवार भूखा न रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि उन्हें लोकतंत्र और स्वतंत्रता के लिए दिए गए बलिदानों की जानकारी हो। उन्होंने इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करने की पहल को भी सराहनीय बताया।

डॉ. रमन सिंह बोले- लोकतंत्र के लिए चेतावनी था आपातकाल

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती था। प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह दौर लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति हमेशा सजग रहने की सीख देता है।

निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान

कार्यक्रम में आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 540 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

विद्यालय वर्ग में रायपुर की जागृति जांगड़े प्रथम, कोरबा के सूरज तांडिया द्वितीय और दुर्ग के अंश देशमुख तृतीय स्थान पर रहे। वहीं महाविद्यालय वर्ग में रायपुर की कल्याणी पटले प्रथम, रायगढ़ की सीमा साव द्वितीय और दुर्ग की खुशबू तृतीय स्थान पर रहीं। विजेताओं को मुख्यमंत्री ने स्मृति चिन्ह और प्रोत्साहन राशि प्रदान की।

कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सोनी, विधायक मोतीलाल साहू, गोमती साय सहित लोकतंत्र सेनानी, उनके परिजन और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और प्रबुद्धजन मौजूद रहे।

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