सेल्फी बनी जानलेवा! इटमा वॉटरफॉल में यूपी का युवक पानी में गिरा..इटमा वॉटरफॉल में बढ़ा खतरा, 21 वर्षीय युवक की तलाश में जुटी एसडीआरएफ
Selfie turns fatal! UP youth falls into the water at Itma Waterfall; danger rises at the site as the SDRF launches a search for the 21-year-old.

रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा। जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल इटमा वॉटरफॉल में एक बार फिर बड़ा हादसा सामने आया है। उत्तर प्रदेश के बरगढ़ निवासी 21 वर्षीय सोनू खान पिता बन्ने खान सेल्फी लेते समय संतुलन बिगड़ने से जलप्रपात के गहरे पानी में गिर गए। घटना के बाद से युवक लापता है और एसडीआरएफ व पुलिस की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।

जानकारी के अनुसार सोनू खान अपने परिवार और दोस्तों के साथ इटमा वॉटरफॉल घूमने पहुंचे थे। प्राकृतिक सौंदर्य के बीच यादगार तस्वीर लेने के लिए वह जलप्रपात के किनारे स्थित एक चट्टान पर खड़े होकर सेल्फी ले रहे थे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वह सीधे गहरे पानी में जा गिरे। घटना को देखते ही मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

परिजनों के प्रयास रहे विफल
युवक के पानी में गिरते ही परिजनों और साथियों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन जलप्रपात के तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण वह देखते ही देखते पानी में लापता हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची और तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया। समाचार लिखे जाने तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका था।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बारिश का मौसम शुरू होने से पहले ही जिले के प्रमुख जलप्रपातों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी है। इसके बावजूद संवेदनशील और जोखिमपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था का अभाव दिखाई दे रहा है। कई खतरनाक स्थलों पर प्रभावी बैरिकेडिंग नहीं है और प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की नियमित तैनाती भी नहीं की गई है। लगातार हो रहे हादसों के बाद स्थानीय लोगों ने पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग उठाई है।

पुलिस ने की सावधानी बरतने की अपील
रीवा पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरुकरण सिंह ने पर्यटकों से अपील करते हुए कहा है कि जलप्रपातों और अन्य जोखिमपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा नियमों का पालन करें तथा खतरनाक जगहों पर खड़े होकर सेल्फी लेने से बचें। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। पुलिस ने पर्यटकों को प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा सीमाओं के भीतर रहकर ही प्राकृतिक स्थलों का आनंद लेने की सलाह दी है।



