छत्तीसगढ़

जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाकर सुरक्षित करें भविष्य – सामरी विधायक

Secure the future by adopting organic and natural farming – Samri MLA

5 प्रतिशत स्ट्रक्चर बनाकर जल जल संरक्षण में दे योगदान

किसानों ने लिया प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने का संकल्प

जैविक खेती से बढ़ेगी आय, घटेगी लागत, कार्यशाला में दी गई जानकारी

बलरामपुर/(शोएब सिद्दिकी) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत विकासखंड बलरामपुर मुख्यालय स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में प्राकृतिक एवं जैविक खेती विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया। किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती के प्रति जागरूक करने तथा रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में कृषकों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने सहभागिता दिखाई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सामरी विधायक उद्देश्वरी पैंकरा रही। इस अवसर पर उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सहकारी बैंक के संभागीय अध्यक्ष श्री रामकिशुन सिंह, रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज, जनपद अध्यक्ष सुमित्रा चेरवा, नगर पालिका अध्यक्ष लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, पूर्व विधायक अवधेश चंदेल, गणमान्य नागरिक भानुप्रकाश दीक्षित, बी.पी. सिंह अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर सहित अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी एवं स्टॉलों का अवलोकन किया गया।

इस अवसर पर सामरी विधायक उद्देश्वरी पैकरा, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में आम के पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश दिया। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। विद्यार्थियों ने नशामुक्ति, बाल विवाह निषेध,सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन जैसे विषयों पर आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से जनजागरूकता का संदेश दिया। उपस्थित अतिथियों एवं ग्रामीणों ने बच्चों के उत्साह और प्रतिभा की सराहना की।

 

सामरी विधायक श्रीमती पैकरा ने किसानों से खेत बचाओ अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि कृषि भूमि का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों से बचने के लिए जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने तथा 5 प्रतिशत मॉडल के तहत खेतों में जल संचयन संरचनाएं विकसित कर जल संरक्षण को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क एवं ग्रामीण विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा हितग्राहीमूलक योजनाओं के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को सीधे लाभ मिल रहा है। शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहभागी बनने का आग्रह किया।

 

जिला सहकारी बैंक के संभागीय अध्यक्ष श्री रामकिशुन सिंह ने कहा कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश के विकास का आधार है। उन्होंने किसानों से जैविक खेती को अपनाने, जल संरक्षण से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

 

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि बलरामपुर का चांगरो चावल एवं जिले की प्राकृतिक कृषि उपज अपनी गुणवत्ता के कारण विशेष पहचान रखती है। उन्होंने किसानों से नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के संतुलित उपयोग तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे स्वास्थ्य, पर्यावरण और भविष्य की पीढ़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए कहा कि यदि प्रारंभिक स्तर पर भी प्राकृतिक खेती का मॉडल विकसित किया जाए तो इसके दूरगामी सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर उन्होंने अभिभावकों से बच्चों, विशेषकर बालिकाओं की नियमित शिक्षा सुनिश्चित करने तथा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने की अपील की।

 

श्री भानु प्रकाश दीक्षित ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण एवं जल संवर्धन को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए किसानों से अपने खेतों में जल संरक्षण के उपाय अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है तथा पशुपालन और प्राकृतिक खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के महत्वपूर्ण आधार हैं।

 

*शाला प्रवेश उत्सव में बच्चों का आत्मीय स्वागत के साथ बांटे गए बैग, पुस्तकें और गणवेश*

 

*नवप्रवेशी बच्चों को मिला स्नेह और प्रोत्साहन*

 

कार्यक्रम के दौरान विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव भी उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर नवप्रवेशी बच्चों का फूल-माला पहनाकर एवं लड्डू खिलाकर आत्मीय स्वागत किया गया। बच्चों को स्कूल बैग, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें एवं गणवेश का वितरण किया गया। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर अध्ययन करने तथा अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। शाला प्रवेश उत्सव में बच्चों और अभिभावकों का उत्साह के साथ कार्यक्रम स्थल पर उल्लासपूर्ण वातावरण बना रहा।

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