प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने की विशेष प्रार्थना
12 years of Prime Minister Narendra Modi's leadership completed; Minister Lakshmi Rajwade offers special prayers.

राष्ट्रसेवा, सुशासन और विकास के 12 वर्षों को बताया नए भारत के निर्माण का स्वर्णिम अध्याय
रायपुर । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रसेवा के 12 वर्ष पूर्ण होने तथा देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस अवसर को भारत के विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए युग का प्रतीक बताया। इस अवसर पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े रायपुर स्थित खाटू श्याम मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्रसेवा के उनके संकल्प की निरंतर सफलता के लिए विशेष प्रार्थना की। उन्होंने देश की उन्नति, समृद्धि और विकसित भारत के लक्ष्य की सिद्धि की भी कामना की।
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 वर्षों में सुशासन, पारदर्शिता, जनकल्याण और राष्ट्रहित को केंद्र में रखकर कार्य किया है। उनके नेतृत्व में भारत ने आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी और वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। आज भारत विश्व की प्रमुख शक्तियों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत अभियान, नई शिक्षा नीति, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत मिशन, गरीब कल्याण योजनाओं तथा आधारभूत संरचना के विस्तार जैसे अनेक परिवर्तनकारी कदमों ने देश के विकास को नई दिशा दी है। भारत आज आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंचों पर अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज करा रहा है और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व देश के करोड़ों नागरिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके मार्गदर्शन में भारत ने सेवा, सुशासन और संकल्प से सिद्धि की भावना के साथ नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित भारत का संकल्प निश्चित रूप से साकार होगा और भारत विश्वगुरु के रूप में अपनी गौरवशाली पहचान स्थापित करेगा।



