हादसे लगातार, झूलते केबल हटाने में लापरवाही
Accidents continue, negligence in removing dangling cables

राजनांदगांव। राजनांदगांव शहर की व्यस्ततम सड़कों, मुख्य चौराहों और घनी आबादी वाली गलियों में निजी टेलीकॉम व इंटरनेट प्रदाता कंपनियों द्वारा बेतरतीब और नियम विरुद्ध तरीके से लटकाए गए केबल तार अब आम राहगीरों के लिए ‘मौत का जाल’ साबित हो रहे हैं। सड़क के ऊपर जमीन से महज कुछ फीट की ऊंचाई पर झूलते ये केबल न केवल सुचारू यातायात व्यवस्था में बड़ी बाधा उत्पन्न कर रहे हैं, बल्कि आए दिन गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण भी बन रहे हैं। शिकायतों के बाद भी नगर निगम प्रशासन और बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को लेकर पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं।
गुच्छे के गुच्छे तार नीचे आकर बन रहे दुर्घटना का कारण
शहर के सबसे व्यस्ततम व्यावसायिक व रिहायशी मार्गों जैसे आजाद चौक, तेली पारा, सदर बाजार, ठेठवारा पारा, सिनेमा लाइन, गुड़ाखू लाइन, जयस्तंभ चौक और दुर्गा चौक में विभिन्न इंटरनेट और केबल नेटवर्क कंपनियों द्वारा बिछाए गए तारों के गुच्छे खंभों से नीचे लटक रहे हैं। कई स्थानों पर तो ये तार इतने नीचे आ गए हैं कि दोपहिया वाहन चालकों, साइकिल सवार स्कूली बच्चों और पैदल चलने वाले बुजुर्गों के गले में फंस जाते हैं। भारी मालवाहक वाहनों की चपेट में आने से कई केबल टूटकर सड़कों पर बिखर चुके हैं, लेकिन इन्हें हटाने वाला कोई नहीं है। इसके अलावा, इन पुराने और ओवरलोडेड केबलों में शॉर्ट सर्किट के कारण आगजनी की घटनाएं भी आम हो चुकी हैं। कुछ दिनों पहले ही सराफा लाइन में एक स्ट्रीट पोल पर अचानक भीषण आग लग गई थी, जिसे स्थानीय लोगों ने बमुश्किल बुझाया।
कई लोग हो चुके हैं चोटिल
पेंड्री इलाके में ड्यूटी पर तैनात पुलिस के जवान आर.के. बंजारा मोटरसाइकिल से जाते समय अचानक हवा में लटक रहे एक काले केबल तार की चपेट में आ गए। तार सीधे उनके गले और छाती से टकराया, जिससे वे चलती गाड़ी से सड़क पर दूर जा गिरे और उन्हें गंभीर अंदरूनी चोटें आईं, उनका अस्पताल में इलाज जारी है। दूसरे मामले में आजाद चौक पर एक महिला स्कूटी चालक इस झूलते तार में उलझकर गिर पड़ी, जिससे वह आंशिक रूप से घायल हो गई। वहीं ब्राम्हण पारा गली में कोचिंग जा रहा एक मासूम छात्र साइकिल चलाते समय इस अदृश्य तार से टकराकर सड़क पर गिरकर चोटिल हो गया। नगर निगम के कार्यपालन अभियंता (ईई) दीपक खांडे का इस पर एक घिसा-पिटा बयान आया है कि केबलों को समय-समय पर व्यवस्थित किया जाता है और टेलीकॉम कंपनियों से जल्द ही जानकारी मांगी जाएगी।



