भूजल स्तर गिरने पर बिलासपुर निगम का बड़ा फैसला, नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा
Bilaspur Corporation takes major decision on falling groundwater level, crackdown on rule breakers

बिलासपुर। गर्मी का पारा चढ़ते ही शहर के कई क्षेत्रों में भूजल स्तर तेजी से नीचे गिरने लगा है। शहर के कई इलाकों में बोरवेल सूखने और पेयजल संकट की शिकायतें सामने आ रही हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए बिलासपुर नगर निगम ने जल संरक्षण के लिए कमर कस ली है। निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शहर में जल संकट से निपटने का एकमात्र स्थाई समाधान रेन वाटर हार्वेस्टिंग है और इसे लेकर अब किसी भी तरह की लापरवाही नहीं चलेगी।
निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में 1500 वर्ग फीट या उससे अधिक क्षेत्रफल पर बनने वाले सभी नए मकानों और व्यावसायिक परिसरों के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य है। इसके लिए सभी जोन कमिश्नरों को निर्देशित कर चुके है कि जो लोग नक्शा पास कराते समय वाटर हार्वेस्टिंग के नाम पर अमानत राशि जमा करते हैं, लेकिन बाद में सिस्टम नहीं बनवाते, उनकी राशि राजसात कर ली जाएगी। इसके अलावा, बार-बार नोटिस देने के बाद भी नियम का पालन न करने वाले बड़े कमर्शियल काम्प्लेक्स और आवासीय कालोनियों के पानी के कनेक्शन काटने की तैयारी भी की जा रही है।
होगी जांच, नहीं मिलने पर कार्रवाई
शहर के बड़े भवनों की जांच की जाएगी। इसमे निगम की टीम वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की जांच करेंगे।यदि इस दौरान भवनों में सिस्टम नहीं मिला या फिर सिस्टम काम नहीं कर रहा होगा तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाई गई है। आने वाले दिनों में निगम की टीम जांच के लिए निकलेगी।
इसलिए जरुरी है वाटर हार्वेस्टिंग
पिछले कुछ वर्षों में बिलासपुर का कंक्रीट का दायरा तेजी से बढ़ा है। अरपा नदी के तटीय क्षेत्रों में भी पक्के निर्माण होने के कारण बारिश का पानी ज़मीन के अंदर नहीं जा पाता और नालियों के ज़रिए बहकर बर्बाद हो जाता है। ऐसे में बारिश के समय में भू-जल रिचार्ज नहीं हो पा रहा है, धीरे-धीरे वाटर लेवल घटते ही जा रहा है।
इस वजह से इन क्षेत्रों में घट रहा भूजल स्तर
निगम से मिली जानकारी के अनुसार सरकंडा के साथ मंगला क्षेत्र में तेजी से वाटर लेवल गिरता ही जा रहा है। इसकी मुख्य वजह क्षेत्र में लगातार बोरवेल की संख्या बढ़ने के साथ की कंक्रीटीकरण बन रहा है। इसी तरह व्यापार विहार और तिफरा क्षेत्र में औद्योगिक व व्यावसायिक दबाव के साथ ही रूफ-टाप हार्वेस्टिंग की कमी होने से वाटर लेवल गिर रहा है।
मानसून से पहले करें तैयारी
जून महीने में मानसून की दस्तक से पहले मई का यह समय वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने या पुराने सिस्टम की सफाई के लिए सबसे उपयुक्त है। एक सामान्य घर में हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का खर्च बेहद कम आता है, लेकिन इससे भविष्य के लिए लाखों लीटर अनमोल पानी बचाया जा सकता है।
निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे पानी की बर्बादी रोकें, छतों के पानी को ज़मीन के भीतर भेजने का इंतज़ाम करें और बिलासपुर को एक जल-सुरक्षित शहर बनाने में अपना योगदान दें।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच की जा रही है, जिस भी भवन में यह सिस्टम नहीं मिला तो संबंधित को कार्रवाई के दायरे में लिया जाएगा। खंजाची कुमार, अपर आयुक्त



