दो बहनों पर दहेज के बहाने तलवार से हमला, बिलासपुर कोनी में हड़कंप
Two sisters attacked with swords on the pretext of dowry, causing commotion in Bilaspur Koni

बिलासपुरः कोनी थाना क्षेत्र के ग्राम करही में दो सगी बहनों पायल और अंजना लोनिया का विवाह दो सगे भाइयों से हुआ। दोनों भाइयों ने दहेज की मांग को लेकर उन पर तलवार से हमला कर दिया। पुराने विवाद का हवाला देकर कोनी पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय पीड़िताओं को वापस लौटा दिया। एसएसपी ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन देते हुए मामले की जांच का आदेश दिया है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची पीड़ित पायल और अंजना ने बताया कि उनके ससुराल वालों ने पहले भी उनके साथ मारपीट की थी। मारपीट के बाद दोनों अपने मायके आ गई थीं। 11 दिसंबर 2025 को एक लिखित समझौता हुआ था। पति देवीशरण लोनिया और जेठ दुखितराम लोनिया ने स्टाम्प पेपर पर इकरारनामा किया था कि वे भविष्य में दहेज के लिए प्रताड़ित नहीं करेंगे और मान-सम्मान के साथ रखेंगे। समझौते के बाद दोनों बहनों को अपने साथ घर ले गए, लेकिन वहां फिर से विवाद शुरू कर दिया गया।
शनिवार को दोनों भाइयों ने सारी हदें पार करते हुए तलवार और राड से उन्हें बेरहमी से पीटा, जिससे उनके सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित बहनों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को बताया कि मारपीट की घटना होने के बाद वे दोनों कोनी पुलिस के पास सहायता मांगने पहुंचे थे, लेकिन उनकी शिकायतों को अनसुना कर आरोपितों को संरक्षण दिया जा रहा है।
एसएसपी के समक्ष प्रस्तुत इकरारनामे में स्पष्ट उल्लेख था कि शर्तों का उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन थाने के स्टाफ ने रिपोर्ट दर्ज करने में रुचि नहीं दिखाई। घायल हालत में मां उर्मिला के साथ भटक रही बेटियों ने पुलिसिया कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एसएसपी ने पीड़ितों को न्याय का भरोसा दिलाते हुए दोषियों और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर एक्शन लेने की बात कही है।



