छत्तीसगढ़

गौरव पथ-2: रायपुर की महत्वाकांक्षी योजना फंसी

Gaurav Path-2: Raipur's ambitious project stuck

रायपुर। राजधानी रायपुर में ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए प्रस्तावित गौरव पथ-2 परियोजना अब तक जमीन पर नहीं उतर पाई है। 37 करोड़ रुपए का टेंडर जारी होने के बावजूद शासन से अंतिम स्वीकृति नहीं मिलने के कारण एक साल बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।

इस परियोजना के तहत पचपेड़ी नाका से जेल तालाब तक करीब 2.2 किलोमीटर लंबी सड़क का चौड़ीकरण किया जाना है। सड़क को 24 मीटर तक चौड़ा करने के साथ कई आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई गई है।

परियोजना में ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन, स्ट्रीट वेंडर्स के लिए व्यवस्थित स्थान, पार्किंग और अन्य सुविधाएं भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य ट्रैफिक को सुगम बनाना और छोटे व्यापारियों को भी लाभ देना है।

अंतिम स्वीकृति का इंतजार

नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया है, लेकिन अब तक अंतिम मंजूरी नहीं मिल पाई है। नियमों के अनुसार स्वीकृति के बिना ठेकेदार को काम शुरू करने का आदेश नहीं दिया जा सकता, यही वजह है कि परियोजना लंबित है।

एक साल से अटकी परियोजना

जानकारी के मुताबिक फाइल लंबे समय से प्रक्रिया में है और अंतिम चरण में होने के बावजूद स्वीकृति नहीं मिल पाई है। इस कारण पिछले एक साल से काम शुरू नहीं हो सका है।

ट्रैफिक जाम से लोगों की परेशानी

इस मार्ग पर रोजाना भारी ट्रैफिक दबाव रहता है। सड़क चौड़ीकरण नहीं होने से लोगों को जाम का सामना करना पड़ रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद इस क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।

 

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