CM मोहन यादव ने किया मध्य प्रदेश बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी
CM Mohan Yadav released the results of Madhya Pradesh Board examination.

भोपाल। मध्य प्रदेश बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी हो गया है। सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने ‘समत्व भवन’ से परिणाम जारी करते हुए इसे शिक्षा जगत की एक बड़ी उपलब्धि करार दिया। इस साल के परिणाम कई मायनों में ऐतिहासिक रहे, क्योंकि पिछले 16 वर्षों का सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया गया है।
सरकारी स्कूलों का 76.80 प्रतिशत रहा रिजल्ट
इस बार सरकारी विद्यालयों का पास प्रतिशत 76.80% रहा, जिसने निजी स्कूलों के 68% के आंकड़े को काफी पीछे छोड़ दिया। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों की सराहना करते हुए कहा कि अनूपपुर, अलीराजपुर और झाबुआ जैसे जिलों ने शिक्षा की नई इबारत लिखी है। झाबुआ जिला 93.23% के साथ प्रदेश में अव्वल रहा।
MP Board Result 2026: दोनों ही कक्षाओं का रिजल्ट लिंक
एमपी बोर्ड रिजल्ट का लिंक एक्टिव हो गया है। आप नीचे दिए डायरेक्ट लिंक से दोनों ही क्लास का परिणाम चेक कर सकते हैं।
कैसे चेक करें रिजल्ट?
एमपी बोर्ड के दसवीं एवं बारहवीं परीक्षा का रिजल्ट जारी हो गया है। यहां रिजल्ट डाउनलोड करने के आसान स्टेप्स बताए गए हैं, जिसे फॉलो करके छात्र अपना रिजल्ट देख व डाउनलोड कर सकेंगे।
रिजल्ट देखने एवं डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर विजिट करें।
अब वेबसाइट के होमपेज पर एक्टिव रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें।
लिंक पर क्लिक करने के बाद लॉगिन डिटेल जैसे जन्मतिथि और रोल नंबर को दर्ज करें।
लॉगिन डिटेल को दर्ज करने के बाद रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर ओपन हो जाएगा।
अंत में इसका एक प्रिंट आउट भी निकाल लें।
बेटियों ने एक बार बारी बाजी
नतीजों में बेटियों ने एक बार भी फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। 12वीं कक्षा में जहां 79.41% बेटियां सफल रहीं, वहीं छात्रों का प्रतिशत 72.39% रहा। व्यक्तिगत उपलब्धियों की बात करें तो हाई स्कूल में पन्ना की प्रतिभा सोलंकी ने 500 में से 499 अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। राज्य स्तरीय मेरिट सूची में कुल 121 विद्यार्थियों ने अपनी जगह बनाई है।
सीएम ने बढ़ाया हौसला
मुख्यमंत्री ने उन छात्रों को हौसला बंढ़ाया जो सफल नहीं हो सके। उन्होंने घोषणा की कि अगले माह ही दूसरी परीक्षा आयोजित की जाएगी, ताकि 12वीं के उन 1.99 लाख छात्रों का साल बर्बाद न हो जो इस बार सफल नहीं हो पाए।
नकल प्रकरणों में आई भारी कमी और निष्पक्ष मूल्यांकन ने इस सफलता को और भी गरिमामय बना दिया है। प्रदेश के जनजातीय और ग्रामीण अंचलों का यह प्रदर्शन मध्य प्रदेश की बदलती शैक्षणिक तस्वीर का जीवंत प्रमाण है।



