रायपुर: SBI SCAB शाखा में 2.78 करोड़ रुपये का गबन, प्रबंधक पर जांच एजेंसियों ने खोले कई राज
Raipur: Rs 2.78 crore embezzled from SBI SCAB branch; investigative agencies uncover several secrets about manager

रायपुर के बैरन बाजार स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की स्पेशलाइज्ड करेंसी एडमिनिस्ट्रेशन ब्रांच (SCAB) में 2.78 करोड़ रुपये के गबन मामले में जांच के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने शुक्रवार को विशेष न्यायालय में करीब 1,290 पन्नों का चालान दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के साथ पेश किया। आरोपित फिलहाल रायपुर केंद्रीय जेल में न्यायिक हिरासत में है।
शाखा प्रबंधक ने किया सुनियोजित गबन
जांच के अनुसार तत्कालीन शाखा प्रबंधक विजय कुमार अहके ने अगस्त 2024 से जून 2025 के बीच बैंक के आंतरिक सिस्टम में हेरफेर कर सरकारी धन का गबन किया। उसने कंप्यूटर सिस्टम से कूटरचित वाउचर तैयार किए और ब्रांच जनरल लेजर (BGL) खाते से रकम निकालने की प्रक्रिया शुरू की।
सुनियोजित तरीकों से बचा अलर्ट सिस्टम
अहके ने हर लेनदेन की राशि पांच लाख रुपये से कम रखी ताकि बैंक का हाई वैल्यू ट्रांसफर अलर्ट सिस्टम सक्रिय न हो। इसके अलावा, वह हर 30 दिन में पुरानी प्रविष्टियों को रोलओवर कर नई एंट्री में बदल देता था।
पत्नी के खाते और ऑनलाइन निवेश का इस्तेमाल
अहके ने कुल 75 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से पूरी रकम अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर की, जिसमें मोबाइल नंबर भी उसका ही लिंक था। इसके बाद उसने नेट बैंकिंग के जरिए राशि अपने निजी खाते में स्थानांतरित की। जांच में सामने आया कि गबन की रकम का उपयोग क्रिप्टोकरेंसी, कमोडिटी और ऑप्शन ट्रेडिंग में किया गया।
इस फर्जीवाड़े से SBI SCAB शाखा को कुल 2 करोड़ 78 लाख 25 हजार 491 रुपये 96 पैसे का आर्थिक नुकसान हुआ है।



