लोकेश्वर सिन्हा गरियाबंद
गरियाबंद जिले के आदिवासी ब्लाक के ग्राम पंचायत इंदागांव के आश्रित अमली गांव के 15 परिवार के 40 सदस्य दीगर राज्य रोजगार की तलाश में पलायन कर गए है ये सभी परिवार राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र विशेष पिछड़ी जनजाति कमार एवम भुंजिया जनजाति के है देखिये पूरी खबर…..
VO —-ये जो आप तस्वीर देख रहे इन घरों मे लटके ताले यह बता रहा है कि ये परिवार रोजी रोटी की तलाश में अन्य राज्य आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, हैदराबाद पलायन कर गए है दरसल गांव में रोजगार मुलक काम नही चलने से पलायन कर गए है अमली गांव के लोग बांस का बर्तन बनाकर जीवन यापन करते है लेकिन अब वो भी समय के साथ साथ नही चलने के कारण ये सभी ग्रामीण गांव छोड़कर परिवार के साथ पलायन कर गए है स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सितंबर माह से 15 परिवार पलायन कर गए है जो जून – जुलाई में घर वापस आते है ऐसे में सरकार व प्रसासन के द्वारा गांव में रोजगार मूलक काम चलाने का दावा यहां पर फेल साबित होती दिख रही है ऐसे में अमली गांव का सुध कब तक प्रसासन लेता है यह देखना होगा तो वही पलायन कर गए राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रो के लिए गांव में क्या रोजगार मूलक काम उपलब्ध करा पाने में प्रसासन कितनी गंभीर नजर आती है ।

