मध्यप्रदेश

रीवा की बेटी ने किया विंध्य का नाम रौशम. यूपीएससी क्लियर कर सब को चौकाया. 18 घंटे की पढ़ाई कर समीक्षा ने हासिल किया मुकाम

Rewa's daughter brought glory to the Vindhya region. Clearing the UPSC surprised everyone. After studying for 18 hours, Sameeksha achieved this milestone.

लोकेशन – रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा 

रीवा। शुक्रवार को संघ लोक सेवा आयोग ने UPSC परीक्षा 2025 के परिणाम घोषित कर दिए हैं देश की सबसे कठिन कहे जाने वाली परिक्षा मे मध्य प्रदेश की कई होनहार बेटियों ने शानदार सफलता हासिल करते हुए अपने-अपने जिलों का ही नहीं बल्कि प्रदेश का नाम भी रौशन किया हैं. इनमे से एक विंध्य के रीवा की बेटी भी शामिल हैं. 30 वर्षीय समीक्षा ने 5th अटैम्पड मे बाजी मारकर ऑल इंडिया मे 56 वां रैंक हासिल करते हुए उंची उड़ान भरी हैं. परिवार का सपना पूरा करने वाली समीक्षा का चयन IAS के लिए हुआ है. बड़ी उपलब्धि हासिल कर समीक्षा ने न केवल परिवार का मान बढ़ाया है बल्कि विंध्य और प्रदेश के नाम भी गौरवान्वित किया है.
रीवा की बेटी समीक्षा ने किया कमाल UPSC का एग्जाम किया क्लियर
बता दें की 30 वर्षीय समीक्षा द्विवेदी का पैत्रिक गांव मऊगंज जिले का पन्नी डगडाउआ है. जबकि उनका जन्म उनके मामा के घर रीवा मे अमहिया स्थित निवास मे हुआ था. पिता श्रीनिवास द्विवेदी प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड भोपाल मे रिजनल ऑफिसर के पद पर पदस्थ हैं. वर्तमान मे समीक्षा का परिवार इंदौर के ग्रेटर ब्रीजेश्वरी इलाके मे निवासरत हैं. समीक्षा ने अपनी प्राथमिक पढ़ाई इंदौर से पूरी की इसके बाद चेन्नईसे बी टेक किया, आई आई टी कानपुर से एमबीए किया, बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक मे सेवाए देने के बाद उन्होंने 5th अटैम्प मे UPSC का एग्जाम क्लियर किया. दिसंबर 2025 मे ही उन्होने वैवाहिक जीवन मे प्रवेश किया था.
56वां रैंक प्राप्त कर बढ़ाया विंध्य का मान परिवार को किया गौरवन्वित 
समीक्षा ने बताया की” यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जाम में 56वां रैंक प्राप्त किया है. पढ़ाई के बाद सोसाइटी से जुडा हुआ काम करने की मन मे इक्षा जागी थी इसके बाद सिविल सर्विसेज का एग्जाम देने का डिसीजन लिया. 2021 मे तैयारी शुरू की फर्स्ट अटेम्प्ट के अलावा हर अटेम्प्ट मे प्रिवेन्स क्लियर हुआ हैं. थर्ड अटेम्प्ट 2023 मे किया था जिसमे मेंस भी क्लियर हुआ था मगर 18 अंको से चूक गई. बैंक मे जॉब के साथ 2025 मे दोबारा यूपीएससी की तैयारी शुरू की इसी दरमियान हाल ही मे शादी हुई है ससुराल वाले और पति दोनों का काफी साहयोग रहा शादी के समय इंटरव्यू के दौरान सभी ने काफी स्पोर्ट किया.
समीक्षा ने कहा पढ़ाई की, नहीं थी कोई लिमिट
समीक्षा द्विवेदी ने बताया कि पढ़ाई के लिए कोई लिमिट नहीं हुआ करती थी इसके लिए मैं अपना दिन डिवाइड किया करती थी की सुबह करंट अफेयर्स में फोकस करूं, टेस्ट भी देती थी और वेल्यूएशन भी करती थी. 5th अटेम्प्ट चलते 5 साल पी चुके थे इसमें परसिस्टेंस और हार्ड वर्क का बहुत बड़ा रोल था. इस उपलब्धि के पीछे मेरे परिवार का बहुत बड़ा रोल है वक्त के साथ मैंने अपने आपको रिजल्ट से डिटेच कर दिया था और केवल पढ़ाई पर ही फोकस किया. मैंने तो यह भी सोचना बंद कर दिया था कि मुझे कौन सी सर्विस मिलेगी मेरा सिलेक्शन होगा भी या नहीं होगा, इस वजह से मैं बहुत रिलैक्स होकर अपनी पढ़ाई कर पाई इसी के चलते फाइनली रिजल्ट मिला और यूपीएससी का एग्जाम क्लियर कर देश में 56वीं रैंक हासिल की.
भांजी की उपलब्धि से रीवा मे मामा के घर जश्न 
बेटी की इस बड़ी उपलब्धि के बाद परिवार में खुशी का माहौल देखा गया. मामा के घर पर परिजनों ने एक दूसरे के मिठाई खिलाकर बेटी समीक्षा को बधाई दी गई. रीवा के विंध्य विहार कॉलोनी निवासी समीक्षा के मामा गोपाल कृष्ण तिवारी ने बताया की भांजी की इस उपलब्धि से परिवार के लोग गौरवान्वित हैं. बेटी ने जो मेहनत करके उपलब्धि हासिल की है उसे शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है. 18 घंटे की पढ़ाई और 5 साल की कड़ी मेहनत के बाद समीक्षा ने यह सफलता हासिल की है. 56वीं रैंक हासिल कर समीक्षा का चयन IAS के लिए हुआ है.

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