सुपेबेड़ा को मिलेगी राहत की सौगात: स्वास्थ्य मंत्री से भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश मंत्री देवेंद्र सिंह ठाकुर की मुलाकात, स्वास्थ्य सुविधाओं पर हुई विस्तृत चर्चा
Supebeda to get a reprieve: BJP Kisan Morcha State Minister Devendra Singh Thakur meets Health Minister, discusses health facilities in detail

देवीचरण ठाकुर
गरियाबंद_जिले के संवेदनशील माने जाने वाले सुपेबेड़ा क्षेत्र की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात कर विस्तार से चर्चा की।
मुलाकात के दौरान क्षेत्र में वर्षों से बनी हुई जल संकट की स्थिति, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और नव निर्मित अस्पताल भवन के संचालन को लेकर गंभीर बातचीत हुई।
*जल संकट को बताया सबसे बड़ी प्राथमिकता*
प्रदेश मंत्री ने सुपेबेड़ा में लंबे समय से चल रही पेयजल समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि क्षेत्र के ग्रामीणों को आज भी स्वच्छ और नियमित पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने सुपेबेड़ा जलप्रदाय योजना को शीघ्र पूर्ण कर नियमित जल आपूर्ति प्रारंभ करने की मांग रखी।
उन्होंने कहा कि यदि जलप्रदाय योजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए तो न केवल दैनिक जीवन में सुधार होगा, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में भी कमी आएगी। मंत्री से आग्रह किया गया कि संबंधित विभाग को निर्देश देकर योजना का कार्य तेजी से पूर्ण कराया जाए।
*स्वास्थ्य केंद्र में डायलिसिस सुविधा की मांग*
मुलाकात के दौरान सुपेबेड़ा स्वास्थ्य केंद्र में डायलिसिस सुविधा प्रारंभ करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। बताया गया कि किडनी संबंधी रोगों से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए दूर-दराज के शहरों में जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ता है।
प्रदेश मंत्री ने कहा कि यदि स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में ही डायलिसिस मशीन स्थापित कर दी जाए तो मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा नियमित उपचार संभव हो सकेगा।
*एंबुलेंस, डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती पर जोर*
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश मंत्री ने सुपेबेड़ा में 24 घंटे आपातकालीन एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि गंभीर स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचना जीवन रक्षक साबित होता है, इसलिए एंबुलेंस की व्यवस्था अनिवार्य है।
इसके अलावा योग्य डॉक्टरों और आवश्यक मेडिकल स्टाफ की नियमित तैनाती सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। वर्तमान में सीमित संसाधनों के कारण मरीजों को पर्याप्त उपचार नहीं मिल पाता, जिसे सुधारना अत्यंत आवश्यक है।
*दो माह में अस्पताल भवन हैंडओवर करने की मांग*
सुपेबेड़ा में नव निर्मित अस्पताल भवन को लेकर भी चर्चा हुई। प्रदेश मंत्री ने मांग रखी कि भवन को एक माह के भीतर स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर नियमित संचालन प्रारंभ किया जाए।
उन्होंने कहा कि भवन तैयार होने के बाद भी यदि स्वास्थ्य सेवाएं प्रारंभ नहीं होतीं तो जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा। इसलिए शीघ्र उद्घाटन और सेवाओं की शुरुआत आवश्यक है।
*स्वास्थ्य मंत्री का सकारात्मक रुख*
स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और समस्याओं के समाधान के लिए फोन पर सी एम एच गरियाबंद को आवश्यक निर्देश दिया
साथ ही उन्होंने नव निर्मित अस्पताल भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में स्वयं उपस्थित रहने की सहमति भी जताई।
*क्षेत्र में जगी नई उम्मीद*
इस मुलाकात के बाद सुपेबेड़ा क्षेत्र में सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जलप्रदाय योजना, डायलिसिस सुविधा, एंबुलेंस सेवा और डॉक्टरों की तैनाती जैसे मुद्दों पर जल्द ठोस निर्णय लिया जाएगा।
यदि प्रस्तावित सुविधाएं समय पर शुरू होती हैं तो सुपेबेड़ा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा मजबूत होगा और लोगों को लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से राहत मिल सकेगी।


