मध्यप्रदेश

गोवंशों की दुर्दशा पर समाजसेवी का बड़ा संकल्प, गौशाला के लिए केवल NOC की मांग

Social worker's big resolution on the plight of cattle, only NOC is demanded for cow shelter

रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा 
रीवा। गोवंशों की बदहाल स्थिति को लेकर ग्राम पंचायत रिमारी के समाजसेवी धर्मेंद्र सिंह ने सांसद जनार्दन मिश्रा एवं सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह से भावुक अपील की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन–प्रशासन से उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं चाहिए, केवल गौशाला निर्माण हेतु भूखंड की NOC प्रदान की जाए।
धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि प्रस्तावित भूमि वन विभाग की है, लेकिन वह मूल जंगल क्षेत्र से कटी हुई, तालाब से जुड़ी तथा बरगढ़–रामबाग से खारा जाने वाली प्रधानमंत्री सड़क के दक्षिण दिशा में स्थित है। यह भूखंड सड़क से पूरी तरह अलग है और वहां किसी प्रकार का कोई वृक्ष मौजूद नहीं है।
उन्होंने कहा कि गौशाला का निर्माण समाज के सहयोग से किया जाएगा। लगभग 365 किसानों व सामाजिक लोगों को गौशाला से जोड़ा जाएगा, जो बारी–बारी से एक–एक दिन गोवंश के चारे व राशन की जिम्मेदारी लेंगे। यदि आवश्यकता पड़ी तो वे स्वयं अपने मित्रों, रिश्तेदारों एवं परिचितों के साथ मिलकर गौशाला का संचालन करेंगे।
समाजसेवी ने आगे बताया कि सनातन परंपरा के अंतर्गत जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, पितृ कर्म एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के अवसर पर लोगों को गौशाला से जोड़कर गौमाता के सान्निध्य में पुण्य कर्म के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में वृहद वृक्षारोपण भी किया जाएगा।
गौवंश संवर्धन की योजना के तहत गिर, साहिवाल, हरियाणा जैसी भारतीय उन्नत नस्लों के सांडों से प्राकृतिक गर्भाधान कर दूध उत्पादन बढ़ाने की पहल की जाएगी, जिससे क्षेत्र में दूध क्रांति को प्रोत्साहन मिले। समाज के लोगों को पंजीयन के माध्यम से नि:शुल्क दुधारू गाय भी दी जाएगी। दूध उत्पादन बंद होने पर नाममात्र शुल्क लेकर गाय को पुनः गौशाला में लाने की व्यवस्था रहेगी, ताकि गोवंशों के साथ हो रही अमानवीय परंपरा का अंत किया जा सके।
धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि सांसद महोदय द्वारा आवेदन मंगाया जा चुका है, लेकिन फिलहाल वे वन विभाग के रेंजर से अस्थायी संचालन की अनुमति शीघ्र देने की मांग कर रहे हैं, ताकि गोवंशों को तत्काल राहत मिल सके।
समाजसेवी का कहना है कि यदि समय रहते अनुमति नहीं मिली तो सड़कों पर भटकते गोवंशों की स्थिति और भी भयावह हो जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी व्यवस्था की

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