मध्यप्रदेश
जनपद अध्यक्ष रानू पांडे हुई नाराज — अधिकारियों ने नहीं उठाई आने की जहमत, तृतीय वर्ग कर्मचारियों को भेजा बैठक में
District President Ranu Pandey was upset – officials didn't bother to attend, sending Class III employees to the meeting.

रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा । जवा पंचायत सभागार में आयोजित प्रशासनिक सामान्य सभा की बैठक में जनपद अध्यक्ष रानू पांडे, जनपद सीईओ और जनपद सदस्यगण उपस्थित रहे। बैठक में सभी विभागों के ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को उपस्थित होना था, लेकिन अधिकांश अधिकारी बैठक से नदारद रहे। कुछ विभागों ने औपचारिकता निभाते हुए टाइम कीपर या तृतीय वर्ग कर्मचारियों को भेज दिया। अधिकारियों की इस लापरवाही से जनपद अध्यक्ष रानू पांडे नाराज हो गईं।

रानू पांडे ने जताई नाराजगी
अध्यक्ष रानू पांडे ने कहा —
> “मुझे जनपद पंचायत अध्यक्ष बने तीन साल हो गए। इस दौरान कई बार प्रशासनिक सामान्य सभा की बैठकें बुलाई गईं, लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति हमेशा नगण्य रही। आज तक किसी प्रस्तावित एजेंडे पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ है। बैठकें सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई हैं। एजेंडा में पारित प्रस्तावों को अगले सत्र में चर्चा योग्य मानने के बजाय रद्दी कागज की तरह फेंक दिया जाता है।”
पुराने एजेंडों पर हुई चर्चा
बैठक में पुराने एजेंडों पर भी चर्चा की गई। जनपद पंचायत सीईओ ने कहा कि उन्होंने हाल ही में पदभार ग्रहण किया है, इसलिए भविष्य की बैठकों में सभी प्रस्तावों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी।
लेकिन इस जवाब से सदस्य असंतुष्ट नजर आए। जनपद सदस्य एवं संचार संकर्म समिति अध्यक्ष प्रबल पांडे ने स्पष्ट कहा कि —
> “अगली सामान्य सभा में सभी प्रस्तावों पर पूर्ण कार्रवाई दिखनी चाहिए। अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए।”
आंगनबाड़ी नियुक्ति में गड़बड़ी का आरोप
बैठक में सदस्यों ने आंगनबाड़ी नियुक्ति प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। कहा गया कि पात्र उम्मीदवारों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से चयन किया गया है।
पहली बैठक में अधिकारी थे शामिल, अब गायब
सदस्यों ने बताया कि जब पहली बार सामान्य बैठक आयोजित हुई थी, तब अधिकारी मौजूद थे। लेकिन उसके बाद से बैठकों में उनकी अनुपस्थिति स्थायी परंपरा बन गई है।
कलेक्टर से की गई मांग
जनपद सदस्यों ने कलेक्टर से मांग की कि आगामी सभी जनपद बैठकों में संबंधित विभागों के अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, ताकि योजनाओं की समीक्षा और विकास कार्यों की वास्तविक प्रगति का मूल्यांकन किया जा सके।
जनपद सीईओ का आश्वासन
जनपद सीईओ ने आश्वासन दिया कि अगली बैठक में अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ नोटिस जारी किया जाएगा, और सभी एजेंडा प्रस्तावों पर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



