नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का विवादित बयान, कहा गुलाम अधिकारी भाजपा नेताओं को लगाएंगे तेल

रिपोर्टर : सुभाष मिश्रा
रीवा। मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार दो दिवसीय सीधी सिंगरौली प्रवास के दौरान आज पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल के साथ रीवा पहुंचे और राजनिवास में आयोजित पत्रकार वार्ता में कई मुद्दों पर चर्चा करते हुए भाजपा और राज्य सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने बेरोजगारी, किसानों को खाद की कमी, सिंगरौली के प्रदूषण, विस्थापन और मुआवजे में अनियमितताओं पर सवाल उठाए।
सिंगरौली का प्रदूषण और विस्थापन :
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सिंगरौली को देश में दूसरे सबसे प्रदूषित स्थान के रूप में चिन्हित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंगरौली कलेक्टर मुआवजे का निर्धारण मनमाने तरीके से कर रहे हैं, जिससे लोगों को असमान रूप से मुआवजा मिल रहा है। कई प्रभावित परिवार बेघर होकर जंगल में पन्नी लगाकर रहने को मजबूर हैं।
कृषि और खाद संकट :
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 50% भी बोवनी नहीं हो पाई है और खाद की भारी कमी है। मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री लंदन में “डायनासोर के अंडे” देख रहे थे, जबकि उन्हें उन देशों का दौरा करना चाहिए था जहां से खाद आयात होती है। प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री को तो यह तक नहीं पता है कि खाद कहां से आती है।
भ्रष्टाचार और विकास पर तंज :
उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सेवाओं में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है और जांच सैंपल के नाम पर करोड़ों रुपए का प्रदेश भर में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। फर्जी नाम से जांच के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
विवादित बयान :
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार भाजपा के गुलाम अधिकारियों को “तेल की सीसी” थमाएगी और वे भाजपा नेताओं को “तेल लगाने का काम करेंगे”।
हिंदू राष्ट्र और अन्य मुद्दे :
नेता प्रतिपक्ष ने मणिपुर और बांग्लादेश में हो रही हिंसा पर भाजपा की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हिंदू राष्ट्र बनाने की बात करती है। तो बांग्लादेश में हो रही हिंदुओं पर अत्याचार के लिए कुछ क्यों नहीं कर रही है।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला पर तंज कसते हुए कहा कि जो बुनियादी विकास की बात करते हैं और अस्पतालों की बात करते हैं । अस्पतालों की स्थिति ऐसी है दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। मरीज को मुफ्त दवा नहीं मिल पा रही है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री हैं अपने ही गृह जिले में मरीज को मुफ्त दवा नहीं दे पा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री से मेरा आग्रह है प्रदेश नहीं संभाल पा रहे हैं कम से कम अपना ग्रह जिला ही संभाल लीजिए।



