6 वनग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित कराने के लिए आम आदमी पार्टी ने सौंपा ज्ञापन

कांकेर @ धनंजय चंद। आम आदमी पार्टी द्वारा आज जिले के कलेक्टर के नाम अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को ज्ञापन दिया गया | ज्ञापन में उनकी मुख्य मांग यह रही है कि अंतागढ़ क्षेत्र के 6 गाँव ऐसे है जिनको राजस्व ग्राम का दर्जा अभी तक प्राप्त नहीं हुआ | इन वनग्रामों में निवास कर रहे ग्रामीणों को शासन प्रशासन की किसी भी योजनाओं का लाभ प्राप्त नहीं हो रहा है | ऐसे में अगर ये वनग्राम अगर राजस्व ग्राम में परिवर्तित होते है तो इन गाँव में निवासरत ग्रामीण शासन प्रशासन के रेडार में आ जायेंगे जिससे इनको अपनी मुलभुत सुविधाओं से वंचित नही रहना पड़ेगा |
आपको बता दे आखिरकार वनग्राम और राजस्व ग्राम क्या है – वन ग्राम उन गाँव को कहा जाता था जिन लोगों को आरक्षित वन मे जाने की अनुमती प्राप्त थी लेकिन बदले में उन्हें वन विभाग के लिए बेकार खटना पड़ता था। ऐसे लोगों को लकड़ी की कटाई और ढ़ुलाई करनी होती थी और जंगल को आग से बचाना होता था। इस तरह के गाँवों को ‘वन ग्राम’ का नाम दिया गया ।
‘महापंजीयक और जनगणना आयुक्त’ के अनुसार, एक राजस्व गाँव भारत में एक छोटा प्रशासनिक क्षेत्र होता है जिसकी सुस्पष्ट परिभाषित सीमा होती है। एक राजस्व गाँव में कई गाँव शामिल हो सकते हैं। प्रत्येक राजस्व गाँव का नेतृत्व गाँव प्रशासनिक अधिकारी द्वारा किया जाता होता है ।



